हापुड़। युवक की हत्या के मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने महिला समेत सात लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। हाफिजपुर थाना क्षेत्र के गांव चचोई में 14 जून 2023 को राजकुमार की हत्या कर शव को मोड़ी अब्दुल्लापुर के बाग में फेंक दिया गया था। आरोपियों ने मिलकर प्रेम प्रसंग व उधार दिए रुपयों को लेकर उसकी गला दबाकर हत्या की थी। जिला न्यायाधीश मलखान सिंह ने आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास के साथ 25-25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
14 जून 2023 को हाफिजपुर क्षेत्र के गांव चचोई निवासी मुनेश ने थाने में तहरीर देते हुए बताया था कि उसके पति राजकुमार के गांव की ही हेमलता पर 3.80 लाख रुपये उधार थे। 14 जून 2023 को हेमलता ने अपने पुत्र विवेक की मदद से उधार दिए रुपये देने के बहाने उसके पति राजकुमार को गांव अब्दुल्लापुर मोड़ी के जंगल में बुलाया था। जहां गांव के ही राजू उर्फ राजीव, आकाश, महेश, राजकुमार उर्फ भूरा, सुशील, विवेक व उसकी मां हेमलता ने राजकुमार को बेरहमी से पीटा था।
इसके बाद सभी आरोपियों ने राजकुमार की गला दबाकर हत्या कर दी थी। घटना के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए थे। मामले में पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। पुलिस ने सभी हत्यारोपियों को गिरफ्तार करते हुए उनकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त तीन डंडे, मृतक के मोबाइल की क्षतिग्रस्त बैट्री, मृतक का पर्स, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, 21250 रुपये और बाइक बरामद की थी।
पत्नी से अवैध संबंधों से नाराज था सुशील
हेमलता को दिए गए रुपयों के अलावा एक आरोपी इसलिए हत्या में शामिल हुआ था। क्योंकि उसे मृतक राजकुमार के अपनी पत्नी से अवैध संबंधों का शक था। पुलिस की पूछताछ में पता चला कि राजकुमार का गांव के ही सुशील के घर काफी आना जाना था। हत्या से पूर्व करीब पांच वर्षों से राजकुमार का सुशील की पत्नी पूनम से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। सुशील को जब इस बात का पता चला तो वह भी इस हत्याकांड में शामिल हो गया। जांच के बाद विवेचक ने सभी हत्यारोपियोंं के खिलाफ चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की थी।
शुक्रवार को मुकदमे की सुनवाई के बाद जिला न्यायाधीश मलखान सिंह ने हत्यारोपी राजू उर्फ राजीव, आकाश, महेश, राजकुमार उर्फ भूरा, सुशील, विवेक व उसकी मां हेमलता को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
14 गवाहों व साक्ष्यों ने पहुंचाया जेल
घटना के बाद से पुलिस ने जहां चार्जशीट दायर करने में तेजी दिखाई। वहीं कोर्ट ने भी मुकदमे की सुनवाई मात्र 48 कार्य दिवस में पूरी की गई। जिसमें 14 गवाहों की गवाही व साक्ष्य के आधार पर न्यायाधीश ने अपना निर्णय सुनाया। हालांकि हत्यारों के चेहरे पर इस हत्या का कोई मलाल दिखाई नहीं दिया।