हापुड़। एमजी रोड स्थित फैक्टरियों की जांच के नाम पर हो रहे उत्पीड़न से उद्यमियों का रोष लगातार बढ़ रहा है। बृहस्पतिवार की देर शाम उद्यमी एकत्र होकर एमजी रोड स्थित बिजलीघर पहुंच गए और फीडर को बंद कराने की मांग करने लगे। इस पर निगम के उच्च अधिकारियों ने उन्हें समझाकर भेज दिया। वहीं, शुक्रवार को दो उद्यमी डीएम से मिले। जहां उन्होंने सेटबैक को जांच से अलग कर शेष जांच प्रक्रिया पूरी कराने की बात कही। अब अगले सप्ताह इस मामले में फिर से बैठक होने की उम्मीद है।
बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट में हुए हंगामे के बाद देर शाम कुछ उद्यमी एकत्र होकर एमजी रोड स्थित बिजलीघर पर पहुंच गए। जहां उन्होंने औद्योगिक फीडर को बंद करने की मांग की। सूचना पर विभाग के उच्च अधिकारियों में अफरा-तफरी मच गई। अधिकारी मौके पर पहुंचे और उद्यमियों को समझाया। जिस पर उद्यमी बिजली घर से चले गए।
शुक्रवार को उद्योग बंधु वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष आशु सिंहल व अन्य उद्यमी ने डीएम से उनके कार्यालय में मुलाकात की। आशु सिंहल ने कहा कि यूपीएसआईडीसी क्षेत्र में सेटबैक को जांच से अलग किया जाए। इसके अलावा अन्य विभाग अपनी जांच सुचारू कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि उद्यमी भी चाहते हैं कि नियमों का पालन हो और किसी को कोई परेशानी न आए। साथ ही उद्योगों में निर्माण कार्य चलता रहे, लेकिन, सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्योगों की अपनी एक सीमा है। वह बड़े उद्योगों की तरह सारी औपचारिकताएं पूरी नहीं कर सकते हैं। इसलिए उन्हें अनावश्यक बोझ तले न दबाया जाए। हालांकि, इस पर डीएम द्वारा किसी प्रकार का कोई आश्वासन नहीं दिया गया। वहीं, अगले सप्ताह यूपीएसआईडीसी के अधिकारियों के साथ डीएम व उद्यमियों की एक बैठक हो सकती है, जिसमें सेटबैक के मुद्दे को रखा जा सकता है।
कोट -
कुछ उद्यमी बृहस्पतिवार को फीडर बंद कराने आए थे, लेकिन उन्हें समझाकर शांत कराया गया। उद्यमियों को अपनी जो बात रखनी है, वह सक्षम अधिकारी के पास रखें। - मनीष यादव, अधिशासी अभियंता, ऊर्जा निगम पिलखुवा