पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के आश्वासन के बाद 29वें दिन बुधवार को वकीलों ने अपनी हड़ताल स्थगित कर दी। सीएचसी में कार्यरत महिला चिकित्सक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग को लेकर वकील बीते 28 दिनों से धरने पर थे।
हड़ताल स्थगित होने पर कामकाज चालू होने से अदालतों में रंगत लौट आई। बता दें कि सीएचसी में कार्यरत महिला चिकित्सक चारूलता वर्मा और अधिवक्ता सुशील दहिया की पत्नी गुड़िया के बीच मारपीट हो गई थी।
इसमें चिकित्सक की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद से वकील भी अपने साथी की पत्नी की रिपोर्ट दर्ज कराने की कवायद करते आ रहे हैं। उन्होंने 28 दिनों तक अदालती कामकाज का बहिष्कार कर कोतवाली का घेराव, सीओ ऑफिस पर बेमियादी धरना और सब रजिस्ट्री दफ्तर में तालाबंदी कर दी थी।
लेकिन इसके बाद भी उनकी मांग पूरी नहीं हो पाई। वहीं हड़ताल के चलते अदालती कामकाज ठप होने से वादकारी और सब रजिस्ट्री में तालाबंदी होने से बैनामें न होने पर जमीन जायदाद की खरीद फरोख्त करने वाले बुरी तरह परेशा रहे।
इसके मद्देनजर स्थानीय पुलिस-प्रशासन कई दिनों से वकीलों से वार्ता करने में जुटा हुआ था। इंस्पेक्टर समरजीत सिंह ने बुधवार को भी वकीलों से वार्ता की,
जबकि एसडीएम आरएन पांडेय ने बार अध्यक्ष सुबोध त्यागी को भरोसा दिलाया कि महिला चिकित्सक के साथ हुए विवाद को बहुत जल्द समझौता कराकर निपटा दिया जाएगा। इसके बाद बार एसोसिएशन की आपात मीटिंग हुई। मीटिंग में पुलिस-प्रशासन के आश्वासन पर वकीलों ने अपनी हड़ताल स्थगित कर दी।
हालांकि पूर्व अध्यक्ष अमरपाल सिंह, बलराज त्यागी, नरेश गिल, सतेंद्र चौधरी, सुरेद्र नागर, ओमपाल मावी ने चेतावनी दी है कि अगर पुलिस-प्रशासन ने महिला चिकित्सक से हुआ विवाद न निपटवाया तो दो मई को फिर से हड़ताल चालू कर दी जाएगी।
इसदौरान सुकेंद्र सिंह, मनोज गोयल, रोहताश, सुहेल, शाकिर, हेमंत गौड़, हिमांशु त्यागी, निरंजन सिंह, मोहित गुप्ता, धनवंत राय समेत दर्जनों वकील मौजूद रहे।