राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशन में किए गए रैपिड सर्वे में गढ़ पालिका क्षेत्र में पिछड़ा वर्ग की आबादी 36 फीसदी निकली है, जिस पर तहसील प्रशासन ने दो दिन के भीतर आपत्ति मांगी हैं।
निकाय चुनाव को लेकर चल रहीं तैयारियों के मद्देनजर वार्डों के नए परिसीमन और निर्धारण का काम 12 अप्रैल को पूरा हो चुका है, जिसके बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने वार्डों का आरक्षण
तय करने के मकसद से 27 अप्रैल तक ओबीसी का रैपिड सर्वे पूरा करने का कड़ा निर्देश दिया हुआ है। जिसके तहत गढ़ पालिका परिषद से जुड़े पिछड़ा वर्ग का रैपिड सर्व मंगलवार को पूरा कर लिया गया है। रैपिड सर्वे में जो आंकड़े सामने आए हैं,
उसके तहत गढ़ पालिका क्षेत्र में पिछड़ा वर्ग की कुल आबादी 36 फीसदी पाई गई है। जबकि सामान्य वर्ग की आबादी 39 और अनुसूचित वर्ग की आबादी 25 फीसदी है। मुहल्ला मदरसा के वार्ड में पिछड़ा वर्ग की आबादी सर्वाधिक पाई गई है,
जहां कुल 2000 की आबादी में पिछड़ा वर्ग की तादाद 1429 है। जबकि पिछड़ा वर्ग की सबसे कम आबादी राजीव नगर उत्तर में है। यहां कुल 1862 की जनसंख्या में पिछड़ा वर्ग की हिस्सेदारी महज 259 है। दूसरे नंबर पर ब्रजघाट उत्तर की 2057 की आबादी में पिछड़ा वर्ग की तादाद 298 है।
तहसीलदार रेणुका दीक्षित का कहना है कि अगर पिछड़ा वर्ग के रैपिड सर्वे में सामने आए इन आंकड़ों पर किसी को कोई आपत्ति है, तो वह दो दिनों के भीतर डीएम को संबोधित करते हुए अपनी लिखित आपत्ति दे सकता है। जिनका निस्तारण होने के बाद वार्डों के आरक्षण की प्रक्रिया प्रारंभ होनी है।