कचहरी में मंगलवार को अधिवक्ता और सिपाही के बीच विवाद के मामले में अधिवक्ता के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराने से साथी वकीलों में आक्रोश व्याप्त है।
उधर, बार एसोसिएशन ने बैठक कर सांकेतिक हड़ताल रख दोषी पुलिसकर्मी के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करने का निर्णय लिया गया। इसके चलते बुधवार को वकीलों न कामकाज नहीं किया।
कचहरी परिसर में शांतिभंग के दो आरोपियों को एसडीएम कोर्ट में पेश कराने लाए हाफिजपुर थाने के एक सिपाही और अधिवक्ताओं के बीच मंगलवार की दोपहर मारपीट हो गई थी। इस मामले में हाफिजपुर थाने के सिपाही सुनहरी लाल ने अधिवक्ता बिलाल व अन्य के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज करा दिया।
बुधवार को अधिवक्ता के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने की जानकारी मिलते ही जिला बार एसोसिएशन के सदस्यों और पदाधिकारियों में रोष व्याप्त हो गया। आनन फानन में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल शिशोदिया की अध्यक्षता में आपात बैठक हुई।
बैठक में बार के सचिव रविंद्र सिंह निमेष ने बताया कि एसडीएम न्यायालय में सिपाही शराब के नशे में था। साथी अधिवक्ता से जमकर अभद्रता कर मारपीट कर दी।
अधिवक्ताओं ने झूठा मुकदमा दर्ज कराने की निंदा करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ न्यायालय में परिवाद दर्ज कराने का प्रस्ताव पास हुआ। अधिवक्ता बुधवार को सांकेतिक हड़ताल पर रहे और न्यायिक कार्य से विरत रहे।
इस मौके पर नरेंद्र मान, सत्यपाल सिंह तोमर, चौ. केपी सिंह, विजय अग्रवाल, संजय मित्तल, ठा. गजेंद्र चौहान, संजय कंसल, युसुफ कुरैशी सुशील चंद शर्मा, राजकुमार त्यागी, अनिल आजाद, नवनीत सहलौत, अमित पायल, परवेज, रमेश चंद्रा, खालिद खान, शहजाद, तहजीव रिजवी, विनोद कुमार, पराग सक्सेना व हरीश शर्मा आदि मौजूद रहे।