भदोही जिले में दो दिन पहले मानव रहित रेलवे फाटक से गुजरते समय स्कूली वैन के पैसेंजर ट्रेन की चपेट में आने से आठ स्कूली बच्चों की मौत से रेल मंत्रालय सतर्क हो गया है।
रेल प्रबंधन ने इस संबंध में गाइड लाइन जारी कर वर्ष 2017 के अंत तक मुरादाबाद मंडल के ऐसे सभी फाटकों को बंद करने का निर्णय लिया है। इसमें हापुड़-मुरादाबाद और हापुड़-खुर्जा के बीच पड़ने वाले एक दर्जन फाटक भी शामिल हैं। इससे रेलवे फाटक पर होने वाले हादसों में कमी आएगी।
मानव रहित फाटकों पर इस प्रकार के हादसों को रोकने के लिए रेल मंत्रालय ने नई गाइड लाइन जारी की है। इसमें स्पष्ट कहा गया है कि दिसंबर वर्ष 2017 तक रेल मंडलों में पड़ने वाले मानव रहित फाटकों को बंद किया जाए।
इन फाटकों पर अंडरपास या फिर गेटमैनों की तैनाती की जाए, ताकि हादसों में कमी आ सके। मुरादाबाद मंडल के मॉडल स्टेशन हापुड़ क्षेत्र में करीब एक दर्जन मानव रहित फाटक हैं, जिन पर भी आए दिन हादसों की आशंका बनी रहती है।
इस गाइड लाइन के बाद इन फाटकों के बंद करने की तैयारी शुरू हो गई है। रेलवे सूत्रों का कहना है कि जिन मानव रहित फाटकों पर आवागमन कम है, वहां अंडरपास बनाए जाएंगे। इसके लिए प्रपोजल तैयार किया जा रहा है।
इसके बाद मंडल के उच्चाधिकारियों को भेजा जाएगा। उधर, इस बाबत मुरादाबाद मंडल के डीआरएम प्रमोद कुमार का कहना है कि जल्द ही मानव रहित फाटकों को बंद किया जाएगा।
भदोही में रेल हादसे के कारण आठ स्कूली बच्चों की मौत का मामला पहला नहीं है। हापुड़ के चमरी में स्थित मानव रहित फाटक पर करीब दस साल पहले एक्सप्रेस ट्रेन से टकराकर ट्रैक्टर-ट्रॉली के परखच्चे उड़ गए थे। हालांकि इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ था।