खतरे के निशान के पार पहुंची गंगा में उफान जारी
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खतरे के निशान को पार कर चुकी गंगा अब भी उफान पर है। इसके चलते खादर क्षेत्र में लाखों हेक्टयर फसल डूब गई हैं। बाढ़ की आशंका से खादर में दहशत का माहौल है। तहसील प्रशासन ने बाढ़ संभावित गांवों में चौकसी बढ़ा दी है। राहत चौकियों को अलर्ट पर रखा गया है।
लगातार तीसरे दिन भी सोमवार को गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी है। इससे तलहटी क्षेत्र में लहलहा रहीं फसलें जलमग्न हो गई हैं। दो दर्जन से भी अधिक बाढ़ संभावित गांवों से जुड़े अधिकांश संपर्क मार्ग भी पानी से घिर चुके हैं।
इसके चलते पशुओं के लिए भी चारा का संकट गहरा गया है। ग्रामीण लंबी दूरी तय कर दूसरे गांवों से महंगा चारा खरीदने को मजबूर हो गए हैं। वहीं, एसडीएम शमशाद हुसैन और तहसीलदार भगत सिंह ने बाढ़ संभावित गांवों का दौरा कर ग्रामीणों से एहतियात बरतने के निर्देश दिए हैं। साथ ही राहत चौकियों को अलर्ट कर दिया है।
केंद्रीय जल आयोग के कनिष्ठ अभियंता राहुल शर्मा और गेज अधिकारी संत कुमार का कहना है कि सोमवार देर शाम को गंगा का जलस्तर बढ़कर समुद्रतल से 198.45 मीटर के निशान पर पहुंच गया है, वहीं इसके बाद भी बढ़ोतरी का सिलसिला जारी है।
रविवार रात भी हरिद्वार और बिजनौर बैराज से पानी छोड़ा गया है। हरिद्वार से 1.50 लाख 909 और बिजनौर बैराज से 1.62 लाख 335 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इसके चलते जलस्तर में मंगलवार को और भी बढ़ोतरी होनी तय है।
तहसीलदार भगत सिंह का कहना है कि रविवार रात को गंगा ने खतरे के निशान को पार कर लिया था। सोमवार को जलस्तर में मामूली गिरावट हुई है। हालांकि हरिद्वार और बिजनौर बैराज से छोड़ा गया पानी आने पर मंगलवार को फिर से जलस्तर में बढ़ोतरी होनी तय है।