फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रसव के लिए दिए ताबड़तोड़ इंजेक्शन, जच्चा-बच्चा की मौत

Mon, 18 Jul 2016 10:30 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़
विज्ञापन
child - फोटो : demo pic
विज्ञापन
जल्द प्रसव कराने के लिए एक जच्चा बच्चा केंद्र में गर्भवती महिला को ताबड़तोड़ इंजेक्शन दिए गए। इससे एक ओर गर्भ में पल रही बच्ची ने दम तोड़ दिया, वहीं प्रसव के बाद महिला की हालत बिगड़ गई। आनन-फानन में केंद्र की डॉक्टर ने प्रसूता को हायर सेंटर मेरठ रेफर कर दिया।
विज्ञापन


मेरठ ले जाते समय महिला की रास्ते में ही मौत हो गई। पीड़ित परिवार ने डॉक्टर के खिलाफ शिकायत की बात कही है। गढ़ के मोहल्ला चौधरियान निवासी हाजी नवाब की गर्भवती पत्नी गुलबहार (40) को सोमवार सुबह करीब नौ बजे प्रसव पीड़ा शुरू हुई।

परिवार के लोग गुलबहार को सीएचसी ले गए। वहां स्वास्थ्य कर्मियों ने उसे एक इंजेक्शन लगाया। परिजनों के मुताबिक काफी देर तक प्रतीक्षा करने के बाद भी जब महिला चिकित्सक नहीं आई तो वह गर्भवती को नक्का कुआं रोड स्थित एक जच्चा बच्चा केंद्र में ले गए।
विज्ञापन


वहां घंटेभर के भीतर ही महिला को डॉक्टर ने कई इंजेक्शन लगा दिए। इसके कुछ देर बाद ही गुलबहार को एक मृत बच्ची पैदा हुई। परिजन बच्ची के शव को लेकर कब्रिस्तान में सुपुर्द ए खाक के लिए चले गए।

इसी दौरान रक्तस्राव बढ़ने से गुलबहार की हालत बिगड़ गई। परिवार के लोग वापस लौटे तो गुलबहार की बिगड़ी हालत देखकर उनके तेवर चढ़ गए। आनन फानन में डॉक्टर ने महिला को हायर सेंटर मेरठ रेफर कर दिया।

मेरठ पहुंचने से पहले ही किठौर कस्बे के पास गुलबहार ने दम तोड़ दिया। परिजनों का आरोप है कि गुलबहार की मौत महिला चिकित्सक की लापरवाही के कारण हुई है।

शव को सुपुर्द ए खाक करने के बाद वह सीएमओ सहित आला अफसरों से मामले की शिकायत करेंगे। परिवार के लोगों ने बताया कि डॉक्टर ने घंटेभर में ही गुलबहार को करीब 10 इंजेक्शन लगाए। ऑक्सीटोसिन इंजेक्शनों की अधिकता के कारण गर्भ में पल रही बच्ची की मौत हो गई।

सीएचसी अधीक्षक डॉ. रविंद्र कुमार ने कहा कि चिकित्सा व्यवसाय कर रहीं झोलाछाप और अशिक्षित महिलाएं जानकारी के अभाव में बच्चा जल्द पैदा कराने के चक्कर में गर्भवती को ताबड़तोड़ ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन लगा देती है।

इससे गर्भ में पल रहा बच्चा डिस्ट्रेस में चला जाता है और दम घुटने से उसकी मौत हो जाती है।

आरोपी महिला चिकित्सक से सेहत महकमा कई बार स्पष्टीकरण ले चुका है। सीएमओ सुभाष गुप्ता के कार्यकाल में महिला के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई गई थी। हाल ही में डिप्टी सीएमओ ने भी नोटिस जारी किया था। इतना सब कुछ होने के बाद भी जच्चा बच्चा केंद्र धड़ल्ले से संचालित हो रहा है।

अनावश्यक रूप से कई इंजेक्शन लगाने के कारण पोस्ट पोर्टम हैमरेज की बीमारी से महिला की मौत होना प्रतीत हो रहा है। परिजनों की शिकायत मिलने पर विभागीय स्तर से जांच करवाई जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर महिला चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। डॉ.रविंद्र कुमार, सीएचसी अधीक्षक
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें