हापुड़। बाबूगढ़ में हुए हादसे में जान गंवाने वाला केशव नाबालिगथा और उसका आने वाली 25 दिसंबर को जन्मदिन था। लेकिन मौत उसे यहां खींच लाई। देवा उसे शादी में चलने की बात कहकर साथ ले आया था, जबकि उसका शादी से कोई लेना देना नहीं था।
पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद केशव के परिजनों ने बताया कि उसके पिता और ताऊ के कुल सात बहनें हैं। जिनमें उसकी दो सगी बड़ी बहने हैं। कुल मिलाकर दो भाइयों की सात पुत्रियों का वह इकलौता भाई था। देवा से उसका अच्छी दोस्ती थी और दोनों अक्सर साथ ही रहते थे। इसी कारण पहले आकाश ने देवा से शादी में चलने के लिए कहा और फिर देवा ने केशव को भी शादी में चलने के लिए राजी कर लिया। लेकिन परिजनों को जरा भी अंदाजा नहीं था कि तीनों अब लौटकर घर नहीं आएंगे। साहिबाबाद में केशव के घर मातम पसरा हुआ था। बहनों और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। बार बार सभी उस घड़ी को कोस रहे थे, जब सभी घर से निकले थे।