हापुड़। बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के विरोध में सोमवार को हजारों की संख्या में लोगों ने जन आक्रोश रैली निकाली।इससे पहले लोगों ने रेलवे पार्क के बाहर जनसभा में भाग लिया और प्रदर्शन किया। शहर में करीब दो किलोमीटर तक जुलूस निकालने के बाद मेरठ रोड तिराहे पर सनातन धर्मसभा के नाम से एडीएम संदीप कुमार को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान लाेगों को जाम से भी जूझना पड़ा।
गुरुकुल पूठ से पहुंचे स्वामी अखिलानंद सरस्वती ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहा अत्याचार चिंता का विषय है। पड़ोसी देश में अल्पसंख्यकों को प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है। शंकरटीला स्थित प्राचीन शिव मंदिर के महंत नंदकिशोर सरस्वती ने कहा कि मंदिरों पर हो रहे हमले बता रहे हैं कि बांग्लादेश में किस प्रकार का राज कायम हो गया है। यह पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय है। इस्कान मंदिर पिलखुवा के व्यवस्थापक माधव ने कहा कि भारत सरकार द्वारा बांग्लादेश सरकार पर दबाव डाला जाए। जिससे कि हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। गढ़मुक्तेश्वर स्थित रविदास मंदिर के महंत महेश दास ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस विषय पर ध्यान दे और बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के मानवाधिकारों की स्थिति में सुधार के लिए कदम उठाए। महंत ब्रहमगिरी ने कहा कि बांग्लादेश सरकार इन घटनाओं को रोकने में नाकाम रही है और पीड़ितों को न्याय नहीं मिल पा रहा है। इसलिए वहां की सरकार पर दबाव बढ़ाया जाए। वरिष्ठ समाजसेवी सुशील ने कहा कि हिंदू समाज पूरी तरह से एक है। महिलाओं पर हो रहे अत्याचार को भी वहां की सरकार को रोकना चाहिए। वरिष्ठ समाजसेवी वासुदेव ने कहा कि हिंदुओं के खिलाफ हो रहे अत्याचारों को तुरंत रोककर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए। सभा का संचालन महेश आर्य ने किया।
इस दौरान विधायक हरेंद्र सिंह, विधायक विजयपाल आढ़ती, डॉ. विकास अग्रवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष नरेश तोमर, जिला पंचायत अध्यक्ष रेखा नागर, प्रदेश प्रवक्ता अवनीश त्यागी, विनीत शारदा, विनोद गुप्ता, सुधीर अग्रवाल, पवन त्यागी, विजय त्यागी, मनोज वाल्मीकि,संजय त्यागी, प्रफुल्ल सारस्वत, मोहन सिंह, विनीत दीवान, मनोज कर्णवाल, हर्षदीप त्यागी, सतपाल यादव, गिरीश त्यागी, मालती भारती, प्रमोद जिंदल, पुनीत गोयल, श्यामेंद्र त्यागी, याेगेंद्र पंडित, अमित शर्मा, आदित्य सूद, डॉ. विपिन गुप्ता आदि मौजूद रहे।
ड्रोन से कराई कार्यक्रम की निगरानी
कार्यक्रम को लेकर सुबह से ही पुलिस-प्रशासन अलर्ट रहा। एहतियात के तौर पर रेलवे पार्क के बाहर सड़क के दोनों तरफ बैरिकेडिंग की गई थी। यहां से किसी वाहन को निकलने की इजाजत नहीं थी। वहीं, पुलिस के अधिकारी ड्रोन के जरिए पूरे कार्यक्रम पर नजर रखे हुए थे।
शहर के बाजार नहीं हुए बंद
पिछली बार 12 अगस्त को व्यापारी संगठनों ने भी बंद का आह्वान किया था। इस कारण सुबह करीब 11 बजे तक बाजार भी बंद रहे थे, लेकिन सोमवार को बाजार बंद का कोई आह्ववान नहीं था।
जुलूस के साथ जुड़ते चलते गए लोग
जुलूस फ्री गंज रोड से रेलवे रोड, अतरपुरा चौपला, गढ़ रोड, तहसील चौपला से मेरठ रोड तिराहे पर जाकर संपन्न हुआ। लोग सुबह रेलवे पार्क के बाहर जनसभा और धरने में शामिल नहीं हुए, लेकिन जिस मार्ग से जुलूस गुजर रहा था। वहां लोग व व्यापारी आकर स्वयं जुड़ते चले गए।
सड़कों पर लग गया जाम
जुलूस के कारण दोपहर के समय अतरपुरा चौपला, तहसील चौपला और मेरठ रोड तिराहे पर जाम लग गया। इस दौरान लोगों को भी खासी परेशानी से जूझना पड़ा। हालांकि जुलूस को देखते हुए पुलिस ने संबंधित रूटों से वाहनों को डायवर्ट कर दिया था। करीब दो घंटे बाद कड़ी मशक्कत के कर यातायात पुलिस ने जाम खुलवाया।