जिले में शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए पुलिस सतर्क हो गई है। विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पुलिस ने प्रत्येक थाना क्षेत्र में अपराधियों व अराजक तत्वों पर निरोधात्मक कार्रवाई के साथ उनके परिजनों पर भी नजर रखनी शुरू कर दी है।
नोट के बदले वोट पर खुफिया विभाग की नजर है। साथ ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने चुनाव डयूटी में लगे संबधित पुलिस कर्मियों को पोस्टल बैलेट के माध्यम से अपने मत के प्रयोग करने के निर्देश दिए हैं।
चुनाव में वोट के बदले नोट व शराब के चलन पर लगाम लगाने के लिए बीट पुलिसिंग पर जोर दिया गया है। इसके लिए सभी हल्का इंचार्ज को शराब या नोट के बदलने वोट देने की जानकारी पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके लिए स्थानीय पुलिस के साथ अलग अलग क्षेत्रों में विशेष टीमें सादे कपड़ों में घूमकर सूचना एकत्र करेगी। चुनाव को लेकर खुफिया विभाग सतर्क हो गया है।
एसपी अलंकृता सिंह ने बताया कि चुनाव के लिए प्रत्येक बीट सिपाही को छोटी से लेकर बड़ी घटनाओं की सूचना एकत्र कर अधिकारियों को देने के निर्देश दिए गए हैं। खुफिया विभाग को भी चुनाव संबधी सभी सूचना एकत्र करने के निर्देश दिए हैं।
जिले में संवेदनशील गांवों में पुलिस ने बैठकों का दौर शुरू कर दिया है। शुक्रवार को पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को शांतिपूर्ण मतदान का पाठ पढ़ाया। सबली में आयोजित बैठक में सीओ शैलेंद्र सिंह राठौर ने कहा कि
चुनावी दौर में किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दिया जाए।गांव में कोई भी असमाजिक तत्व माहौल बिगाड़ने की कोशिश करता है तो उसकी सूचना पुलिस को दें।
कोतवाली प्रभारी आरके सिंह ने भी ग्रामीणों को पूर्ण सुरक्षा का भरोसा दिलाया। शनिवार को भी क्षेत्र में सरावा, अमीपुर नंगौला सहित गांवों में शांति का पाठ पढ़ाया जाएगा। बैठक में भारी संख्या में लोग शामिल रहे।
चुनाव के मद्देनजर पुलिस-प्रशासन ने शस्त्रों की दुकानों की चेकिंग कर नियम पूरे हुए बिना कोई भी शस्त्र जमा न करने और कारतूस की बिक्री नहीं करने का निर्देश दिया है।
शुक्रवार को एसडीएम आरएन पांडेय और सीओ सतीश चंद्र पांडेय ने गढ़ क्षेत्र में शस्त्र विक्रेताओं की कई दुकानों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने शस्त्रों के रखरखाव, हिफाजत, कारतूस बिक्री के रजिस्टर समेत कई पहलुओं की जांच की।
एसडीएम ने शस्त्र विक्रेताओं को नियम के बिना कोई भी हथियार जमा न करने और आचार संहिता लागू रहने तक कारतूस नहीं बेचने का कड़ा निर्देश दिया।