गढ़ विधानसभा क्षेत्र के तीन गांवों में बिना अनुमति जनसभा करना बसपा प्रत्याशी व पूर्व एमएलसी प्रशांत चौधरी को महंगा पड़ गया। जनसभा की जानकारी मिलते ही डीएम ने प्रत्याशी के खिलाफ संबंधित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए हैं।
हालांकि, प्रत्याशी ने जनसभा करने से इंकार किया है। प्रशासन ने आचार संहिता का सख्ती से पालन कराने के लिए कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। जानकारी के अनुसार हाल ही में गढ़ विधानसभा क्षेत्र से बसपा प्रत्याशी प्रशांत चौधरी ने करीमपुर, कसीरा व बहना गांव में जनसभा की थी।
इन जनसभाओं के लिए किसी भी प्रकार की अनुमति नहीं ली गई। बिना अनुमति सभा कराने की भनक प्रशासन को लगते ही डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रत्याशी प्रशांत चौधरी के खिलाफ संबंधित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए हैं।
वहीं, बसपा प्रत्याशी प्रशांत चौधरी ने बताया कि गांवों में किसी प्रकार की सभा नहीं की गई, केवल जनसंपर्क किया गया था। उनके पहुंचने पर कुछ लोग जरूर एकत्र हो गये। वहां न तो कोई लाउडस्पीकर था और ना ही कोई भाषण दिया गया।
ऐसे में इसे जनसभा नहीं कहा जा सकता है। उधर, डीएम अनिल ढींगरा ने बताया कि सभी राजनीतिक पार्टियों को स्पष्ट रूप से निर्देशित कर दिया गया था कि
किसी भी प्रकार से आचार संहिता का उल्लंघन करने पर कार्रवाई की जाएगी। बसपा प्रत्याशी ने जनसभा के लिए किसी प्रकार की अनुमति नहीं ली गई। जिसके कारण यह कार्रवाई की गई है।