ई-रिक्शा चालकों की मनमानी ने शहर के यातायात की चाल और हाल दोनों बिगाड़ दिए है। ई-रिक्शा चालकों मनमानी से अन्य वाहन चालकों को जाम में फंसकर फजीहत झेलनी पड़ती है।
तमाम दावों के बाद भी पुलिस और परिवहन विभाग कोई भी इनकी मनमानी पर अंकुश नहीं लगा पा रहा है और शहर को रोज जाम के झाम से जूझना पड़ रहा है। शहर की सड़कों पर इन दिनों टैंपो, ऑटो के साथ ई-रिक्शा की भरमार है।
वहीं, चालकों की मनमानी का आलम यह है कि वह जहां चाहते हैं वहीं वाहनों को रोककर सवारियां बिठाने और उतारने लगते हैं। तहसील चौपला, अतरपुरा चौपला, बुलंदशहर रोड, पक्का बाग, दिल्ली रोड, मेरठ तिराहा सहित अन्य चौराहों पर कभी भी इनकी मनमानी को देखी जा सकती है।
इन वाहनों चालकों पर कोई अंकुश नहीं होने के चलते रोज शहर को जाम का सामना करना पड़ता है। ई-रिक्शा चालक बिना किसी मानक के सवारियों के साथ-साथ माल भी ढोते हैं। बिना रजिस्ट्रेशन के दौड़ते इन ई-रिक्शों से अक्सर हादसों की भी संभावना बनी रहती है।
संभागीय परिवहन विभाग की ओर से रजिस्ट्रेशन न होने के कारण पुलिस भी इन पर कार्रवाई नहीं कर पाती। वहीं, यातायात प्रभारी योगेंद्र मलिक ने बताया कि ई-रिक्शाओं को चौराहों से दूर रखने का प्रयास किया जाता है।
ताकि, लोगों को जाम से छुटकारा दिलाया जा सके। एआरटीओ प्रणव झा ने बताया कि जल्द ही ई-रिक्शा के पंजीकरण के लिए अभियान चलाया जाएगा। बिना पंजीकरण चलने वाले ई-रिक्शा के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।