चुनाव की घोषणा के बाद अवैध पिस्टल व तमंचे बनाने वाले गिरोह सक्रिय हो गए हैं। सूत्रों के मुताबिक जिले के कई गांवों में अवैध असलहे बनाने की फैक्ट्री चलती है। यह अवैध असलहे चुनाव की फिजा बिगाड़ सकते हैं।
ऐसे में सोमवार को एसपी अलंकृता सिंह ने जिले के सभी थाना क्षेत्रों में अभियान चलाकर अवैध असलहों की तस्करी करने वाले शातिरों की धरपकड़ के निर्देश दिए। चुनावी दौर में वोटर को धमकाने के लिए प्रत्याशियों द्वारा हर हथकंडे अपनाए जाते हैं।
वहीं, कुछ प्रत्याशियों के दबंग समर्थक तो अवैध असलहों का प्रदर्शन कर वोट मांगने में भी गुरेज नहीं करते हैं। इन असलहों में सबसे अधिक मांग तमंचे व देशी पिस्टल की होती है। सूत्रों के अनुसार जिले के कुछ गांवों में लुका छिपी तौर पर अवैध असलहे बनाए जाते हैं।
इनकी कीमत एक हजार रुपये से लेकर दो हजार रुपये तक होती है। जबकि, पिस्टल की कीमत 10 हजार से लेकर 30 हजार रुपये तक है। पुलिस द्वारा कई बार तस्कर गिरफ्तार भी किए जाते हैं। रविवार रात एक तस्कर के पकड़े जाने के बाद पुलिस सतर्क हो गई है।
एसपी अलंकृता सिंह ने बताया कि तस्करों व लुका छिपी तौर पर चलने वाली फैक्ट्रियों की धरपकड़ के लिए थानेदारों को निर्देश दिए गए हैं। चुनाव में कोई भी अशांति नहीं पैदा होने दी जाएगी।