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एनजीटी का आदेश दरकिनार... गंगा में हो रहा अवैध खनन

Fri, 24 Feb 2017 09:48 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/ हापुड़
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अवैध खनन - फोटो : अमर उजाला
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एनजीटी द्वारा खनन पर रोक लगाने के बावजूद गढ़ में धड़ल्ले से गंगा से बालू निकाला जा रहा है। इससे प्रशासन के उस दावे की भी पोल खुल गई, जिसमें वह क्षेत्र में अवैध खनन नहीं होने की बात कहता रहा है।
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गंगा नदी में बालू का खनन करने वाले सरकारी राजस्व को बड़े स्तर पर चूना लगाने के साथ ही किसानों की फसलों को बर्बाद कर रहे हैं। इसके बावजूद पुलिस-प्रशासन और वन विभाग कोई कार्रवाई करने को तैयार नहीं हैं।

बता दें कि, सुप्रीम कोर्ट ने समूचे देश में बालू खनन पर सख्ती के साथ रोक लगाने का आदेश दिया था। हाल ही में एनजीटी ने दूषित नालों पर रोक के साथ ही गंगा में बालू खनन पर कड़ाई के साथ रोक का आदेश दिया है।
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इसके बाद भी पूठ गंगा की जलधारा में चल रहा अवैध बालू खनन का गोरखधंधा थम नहीं पा रहा है। पुलिस-प्रशासन, वन और खनन विभाग पूरी तरह आंखें मूंदकर बैठे हुए हैं।

बालू खनन पर रोक न लगने से मानवमित्र डॉल्फिन समेत गंगा नदी में रहने वाले दुर्लभ प्रजाति के जलीय जीव-जंतुओं के अस्तित्व को भी खतरा बढ़ता जा रहा है।

स्थानीय निवासी दिनेश शर्मा, मुरारी लाल और प्रदीप ने बताया कि अवैध बालू खनन का गोरखधंधा थमने की बजाय तेजी से बढ़ता जा रहा है। खनन माफिया दिन में भैंसा-बुग्गियों का सहारा लेकर बालू का स्टॉक करा रहे हैं,

वहीं सूरज ढलते ही अत्याधुनिक मशीनों से गंगा की जलधारा में खनन किया जाता है। वहीं, दूसरी ओर तहसीलदार मनोज कुमार सिंह ने बताया कि कि पूठ गंगा में बालू खनन नहीं हो रहा है। तहसील प्रशासन विशेष निगरानी के साथ ही बालू लेकर जाने वाले वाहनों की धरपकड़ करा रही है।
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