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Hapur News: मोनाड विश्वविद्यालय में निर्माणाधीन अवैध चार मंजिला हाॅस्टल सील

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हॉस्टल सील करने पहुंची एचपीडीए की टीम।  - फोटो : संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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हापुड़। मोनाड विश्वविद्यालय पर हापुड़-पिलखुवा विकास प्राधिकरण ने भी कार्रवाई शुरू कर दी है। प्राधिकरण की टीम ने सोमवार को विश्वविद्यालय में निर्माणाधीन चार मंजिला हॉस्टल को सील कर दिया। 1000 वर्ग गज में बन रहे हॉस्टल के संबंध में दो साल पहले प्राधिकरण ने नोटिस जारी किया था। एक अन्य हॉस्टल को खाली कराने के लिए भी नोटिस जारी किया जा रहा है।



प्राधिकरण के सचिव प्रवीण गुप्ता, प्रवर्तन प्रभारी वीरेश कुमार राना और अवर अभियंता जितेंद्र नाथ दुबे की टीम ने बताया कि जांच में पाया गया था कि विश्वविद्यालय में बिना मानचित्र स्वीकृत कराए हॉस्टल का निर्माण किया जा रहा था। इस संबंध में पहले विश्वविद्यालय को नोटिस जारी किया गया था। भवन को सील कर दिया गया। इस दौरान एसडीएम ईला प्रकाश, सीओ अनीता चौहान भी पुलिस बल के साथ मौजूद रहीं।
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मोनाड विवि में 2020 में एक-एक हजार वर्ग गज में दो हॉस्टल का निर्माण शुरू किया गया था। तब हापुड़-पिलखुवा विकास प्राधिकरण की टीम ने वहां पहुंचकर निर्माण पर रोक लगाई थी। तीन मंजिला निर्माण पूरा होने के बाद 25 अक्तूबर 2023 काे प्राधिकरण की टीम ने नोटिस जारी किया गया था। मोनाड के डायरेटर प्रमोद गोयल के नाम से नोटिस दिया गया था। प्राधिकरण का कहना है कि इसके बावजूद प्रबंधन ने मनमाने तरीके से दोनों हास्टल का निर्माण करा लिया।
आठ नवंबर 2023 काे प्राधिकरण ने दोनों हास्टल को सील करने के आदेश दिए थे। आदेश पर सक्षम अधिकारी के हस्ताक्षर कराकर सीलिंग के लिए टीम का गठन भी कर दिया गया था। इसकी जानकारी सीओ और एसडीएम को भी भेज दी गई थी। हालांकि तब सीलिंग की कार्रवाई नहीं की गई थी। अब मामला एसटीएफ की जांच तक पहुंचा तो टीम की मौजूदगी में एक हाॅस्टल को सील कर दिया गया। बताया जा रहा है कि दूसरे हॉस्टल में छात्र हैं। उसे खाली करने का नोटिस जारी किया जा रहा है। खाली होने के बाद उसे भी सील कर दिया जाएगा।
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एसटीएफ ने विश्वविद्यालय में खोला अपना दफ्तर



एसटीएफ की टीम भी सोमवार को मोनाड विश्वविद्यालय पहुंची और अपनी जांच को आगे बढ़ाया। इस बार एसटीएफ ने विश्वविद्यालय परिसर में एक कमरे को अपना दफ्तर बना लिया है। बताया जा रहा है कि एसटीएफ यहीं से पूरे मामले की जांच करेगी और विश्वविद्यालय की गतिविधियों पर नजर रखेगी। एसटीएफ ने अपने कंप्यूटर आदि स्थापित कर लिए हैं। टीम लगातार मौजूद रहेगी।
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