केंद्रीय मंत्री ने प्रयोगशाला का किया निरीक्षण
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उपभोक्ता मामले खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री राम विलास पासवान ने कहा कि आईजीएमआरआई की बंद पड़ी प्रयोगशाला को फिर से चालू कराया जाएगा। इसके लिए बजट दिया जाएगा। उन्होंने एफसीआई की रेलवे लाइनों को फिर से बिछवाने के भी कड़े निर्देश दिए।
केंद्रीय खाद्य मंत्री पासवान ने आईजीएमआरआई का शनिवार दोपहर निरीक्षण किया। उन्होंने प्रयोगशाला बंद होने का सवाल उठाए जाने पर अधिकारियों से पूछा कि जब लैब बंद है, तब रिसर्च का कार्य कैसे चल रहा है। इस पर अधिकारी बगलें झांकने लगे।
उन्होंने कहा कि लैट को फिर से चालू कराने के लिए बजट दिया जाएगा। एफसीआई की रेलवे लाइन फिर से नहीं बिछाए जाने के सवाल पर एफसीआई के एक अधिकारी ने बताया कि रेलवे लाइनों के दोनों की ओर की भूमि के पैसे को लेकर मामला रुका है। केंद्रीय मंत्री ने मामले का जल्द निस्तारण करने के निर्देश दिए।
खाद्यान्न की लोडिंग अन लोडिंग में बरती जा रही अनियमितताओं पर एफसीआई के अधिकारियों को सफाई देते हुए कहा कि अब दूसरे डिपो से लेबर मंगा ली गई है। पासवान ने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम एक मार्च से प्रदेश के 75 जिलों में लागू किया गया है। इस अधिनियम के लागू होने से खाद्यान्न का वार्षिक आवंटन पांच लाख टन बढ़ गया है।
अधिनियम के तहत चावलस तीन रुपये और गेहूं दो रुपये किलो दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि रबी विपणन वर्ष 2016-17 के लिए गेहूं का समर्थन मूल्य 1525 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया गया है जो पिछले वर्ष की अपेक्षा 75 रुपये प्रति क्विंटल अधिक है।
किसानों को त्वरित भुगतान के लिये सभी इंतजाम भी किये गये हैं। वहां पर एफसीआई के एमडी डीएस चौहान, सीडब्लूसी के एमडी हरप्रीत सिंह, ज्वाइंट सेक्रेटरी फूड टीके मनोज कुमार एवं सुभाष गुप्ता, आईजीएमआरआई के प्रभारी निदेशक विश्वजीत हलदार भी मौजूद थे।