चुनाव ड्यूटी के लिए अधिग्रहीत वाहनों को लेकर परिवहन विभाग गंभीर हो गया है। वाहनों के निर्धारित समय पर चुनाव ड्यूटी पर न पहुंचने पर एफआईआर कराई जाएगी। जिले में परिवहन विभाग ने 1061 वाहनों का अधिग्रहण किया है।
चुनाव में मतदान कर्मचारियों, फोर्स और अधिकारियों को पोलिंग बूथों तक लाने ले जाने के लिए बड़ी संख्या में वाहनों की आवश्यकता है। इसको देखते हुए पिछले कई दिन से परिवहन विभाग जिले में वाहनों को अधिग्रहण के लिए नोटिस जारी कर रहा है।
जिले में कुल 620 छोटे वाहनों जैसे कार या जीप, 288 बस, 113 मिनी ट्रक व 40 ट्रकों को अधिग्रहण के लिए नोटिस जारी किए हैं। चुनाव के लिए आठ फरवरी को सुबह आठ बजे तक इन वाहनों को परिवहन विभाग को ड्राइवर सहित सौंपना होगा।
वहीं बसों को दोपहर 12 बजे तक मंडी परिसर में पहुंचना होगा। स्कूल बसों के लिए कुछ छूट देते हुए दोपहर बाद चार बजे तक मंडी परिसर में पहुंचने के निर्देश दिए हैं। एआरटीओ प्रवर्तन प्रणव झा ने बताया कि छोटे वाहन पुलिस लाइन से जबकि बड़े वाहनों को मंडी परिसर से आठ फरवरी को गंतव्य को भेजा जाएगा।
सेक्टर मजिस्ट्रेटों को भ्रमण के लिए कारों का वितरण पुलिस लाइन से ही होगा। वाहनों के न पहुंचने पर एक स्पेशल साफ्टवेयर सुगम के माध्यम से इनका डाटा निकालकर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
अधिग्रहित वाहनों के मालिकों ने बड़ी संख्या में वाहनों का चुनावी ड्यूटी से मुक्त करने के प्रार्थना पत्र दिए हैं। इनमें से कुछ का निस्तारण कर दिया गया है। बाकी को हर हाल में निर्धारित स्थान पर पहुंचा होगा।