ग्रामीण जितेंद्र सिंह ने बताया कि गांव हबिशपुर बिगास में किसान मंगत सिंह व धर्मपाल अपने खेत पर काम करने गए थे। सुबह करीब नौ बजे उन्हें सरसों के खेत में एक तेंदुआ जूझता हुआ नजर आया। तेंदुए का एक पैर कि जंगली सूकर पकड़ने के लिए शिकारियों द्वारा लगाए गए लोहे के पंजे में फंसा हुआ था और वह उससे छुड़ाने का प्रयास कर रहा था। ग्रामीणों ने मामले की सूचना बाबूगढ़ पुलिस और वन विभाग को दी। टीम पहुंची लेकिन पकड़ने का कोई संसाधन न होने के कारण मेरठ की टीम को मौके पर बुलाया गया। लेकिन मेरठ वन विभाग की टीम भी फेल हो गई।
इसके बाद मथुरा और दिल्ली की टीम से संपर्क किया गया। टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद ट्रेंक्यूलाइजर गन के माध्यम से तेंदुए को बेहोश किया और शाम छह बजे तेंदुए को जाल में बंद कर पूरी तरह उस पर कब्जा कर लिया गया। तेंदुआ फिलहाल घायल है और इलाज के लिए आगरा ले जाया गया है।
वन निरीक्षक मुकेश कंडपाल ने बताया कि तेंदुए का सकुशल रेस्क्यू कर लिया गया। तेंदुए को फिलहाल आगरा ले जाया गया है, जहां उसका इलाज किया जाएगा और स्वस्थ्य होने के बाद ही उसे आजाद किया जाएगा।