गढ़मुक्तेश्वर। गांव ढाना में रजवाहे की पटरी टूट जाने से सैकड़ों बीघा कृषि भूमि और उसमें खड़ी फसलें जलमग्न हो गईं। खेतों में पानी भरने से गन्ना समेत अन्य फसलों को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। किसानों ने सिंचाई विभाग से तत्काल मरम्मत कराकर खेतों से पानी निकासी की मांग की है।
रविवार की देर रात रजवाहा टूटने के बाद तेज बहाव के साथ पानी आसपास के खेतों में फैल गया, जिससे बड़ी संख्या में किसानों की फसल प्रभावित हुई है। खेतों में तीन से चार फीट तक पानी भर जाने के कारण फसलें सड़ने और नष्ट होने संभावना बन गई है। किसानों का कहना है कि यदि जल्द पानी की निकासी नहीं कराई गई तो उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
किसान विपिन सिंधू और कुंवरपाल सिंह ने बताया कि उन्होंने बड़ी मेहनत और लागत लगाकर गन्ने की फसल तैयार की थी। उनका कहना है कि करीब 200 बीघा से अधिक भूमि पर खड़ी फसल प्रभावित हुई है। कई किसानों के खेतों में अभी भी पानी भरा हुआ है, जिससे नुकसान लगातार बढ़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि रजवाहे की पटरी की स्थिति पहले से ही जर्जर थी, लेकिन समय रहते उसकी मरम्मत नहीं कराई गई।
किसानों ने प्रशासन और सिंचाई विभाग से मौके का निरीक्षण कर नुकसान का आकलन कराने तथा प्रभावित किसानों को मुआवजा दिलाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि कार्रवाई नहीं की गई तो फसलों का नुकसान और बढ़ सकता है, जिससे क्षेत्र के किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा। एसडीएम श्रीराम सिंह का कहना है कि संबंधित विभाग के अधिकारियों से वार्ता कर जल्द रजवाहे की पटरी की मरम्मत कराई जाएगी।