हापुड़। फायर एनओसी नहीं उपलब्ध कराने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पिलखुवा में एक अस्पताल को सील कर दिया। अग्निशमन और प्रशासनिक अधिकारियों ने कोचिंग सेंटर की भी जांच की। इस दौरान बहुत से संचालक सेंटर बंद कर भाग गए। तंग गली और घरों की छत पर चल रहे सेंटरों के संचालकों को मानक पूरे करने के निर्देश दिए गए।
लखनऊ की कोचिंग सेंटर में आग लगने की घटना के बाद से जिले में अधिकारी सतर्क हो गए हैं। बृहस्पतिवार को एसीएमओ डॉ. नवीन रोहल के नेतृत्व में टीम पिलखुवा पहुंची। यहां जैन मंदिर के पास चल रहे जाकिर अस्पताल का निरीक्षण किया। डॉ. नवीन ने बताया कि इस अस्पताल को फायर एनओसी उपलब्ध कराने के संबंध में नोटिस जारी किया गया था। नियत समय बीत जाने के बाद भी एनओसी जमा नहीं की गई।
पांच बेड के इस अस्पताल को सील कर दिया गया। इसके अलावा अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने कोचिंग सेंटरों पर छापामार कार्रवाई की। इस दौरान बहुत से संचालक सेंटर पर ताला जड़कर भाग गए।
पक्का बाग स्थित ब्रिटिश इंस्टीट्यूट कोचिंग सेंटर, मधुसूदन क्लासेस, ज्ञान अमृत लाइब्रेरी, ओमपाल सोलंकी कोचिंग सेंटर, न्यू शिवपुरी स्थित अचीवर्स जर्नी लाइब्रेरी, थापर वाली गली स्थित ए प्लस बी कोचिंग सेंटर, अनुपम चौक शिवपुरी स्थित एक प्रयास कोचिंग सेंटर, न्यू शिवपुरी स्थित बसंत लाल कोचिंग सेंटर, फ्रीगंज रोड स्थित विद्यार्थी एकेडमी व कामाभ्या सेंटर, प्रीत विहार स्थित अचीवर्स लाइब्रेरी, अर्जुननगर स्थित आनंद एकेडमी, मेरठ रोड स्थित अचीवर्स लाइब्रेरी, केशवनगर चौकी के पास सरस्वती लाइब्रेरी, शिवनगर स्थित सरस्वती क्लासेस कोचिंग सेंटर, मेरठ रोड पर यूनिटी लाइब्रेरी पर जांच कर, मानक पूरे कर लेने के निर्देश दिए।
कोट
जिले में संचालित कोचिंग सेंटर, स्कूल, अस्पतालों में आग से बचाव के समुचित उपाय होने चाहिए। कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण कर, आवश्यक निर्देश दिए हैं। सुधार नहीं होने पर सीलिंग की कार्रवाई होगी। - अजय कुमार शर्मा, मुख्य अग्निशमन अधिकारी
पिलखुवा में एक अस्पताल पर लगाई गई सील को दिखाते डिप्टी सीएमओ।संवाद