हापुड़। प्रदेश के हर जिले के एमएसएमई उद्योगों को नई पहचान दिलाने की तैयारी है। 27 जून को एमएसएमई दिवस मनाया जाना है, इसमें राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट व्यंजनों का प्रदर्शन होगा। वन डिस्ट्रिक्ट वन कुजीन में हापुड़ के पेठे को शामिल किया गया है। इस पहल से न सिर्फ पेठा उद्योग उड़ान भरेगा, बल्कि किसानों को भी उनकी उपज का वाजिब दाम मिल सकेगा।
जिलों के एमएसएमई उद्योगों को पहचान दिलाने के लिए वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट योजना कार्यरत हैं। आईआईए एक विशेष पहल के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के प्रत्येक जनपद की वन डिस्ट्रिक्ट वन कुजीन परंपरा एवं विशिष्ट व्यंजनों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करने का संकल्प ले रहा है।
इसमें जिले के सांसद, विधायक, वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक संक्षिप्त वीडियो/रील तैयार करायी जाएगी। जिसमें वह आपके जिले के प्रसिद्ध स्थानीय व्यंजन का आनंद लेते हुए उसके महत्व एवं पहचान पर अपने विचार साझा कर, अपने जिले के विशिष्ट व्यंजन को प्रमुखता देंगे।
हापुड़ जिले से वन डिस्ट्रिक्ट वन कुजीन में पेठे को शामिल किया गया है। इससे पेठा उद्योग को नयी दिशा मिलेगी। इस उद्योग को ऊपर उठाने के लिए बृहस्पतिवार को आईआईए के चैप्टर चेयरमैन पवन शर्मा, सदर विधायक विजयपाल आढ़ती के साथ हापुड़ की एक पेठा शॉप पर एकत्र हुए और पेठा मिठाई के उत्पादन और बिक्री को लेकर चर्चा की। वन डिस्ट्रिक्ट वन कुजीन योजना के अंतर्गत उपलब्ध सुविधाओं और अन्य आने वाली समस्याओं के समाधान के लिए भी आश्वस्त किया।
इस अवसर पर सचिव लवलीन गुप्ता, कोषाध्यक्ष सौरभ अग्रवाल, राजेंद्र गुप्ता, विजय शंकर शर्मा, वैभव गुप्ता, आकाश शर्मा, मोहित जैन, विपिन तायल, प्रशांत शर्मा, ध्रुव गुप्ता, धनेश जैन, संजय अग्रवाल उपस्थित रहे।