हेपेटाइटिस बीमारी से ग्रामीण अंचल में हो रहीं मौतों को लेकर सेहत महकमा जाग उठा है। सोमवार को गढ़ के गांव मानकचौक में कैंप लगाकर ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच की गई।
बता दें कि भूजल दूषित होने से गढ़, सिंभावली और बहादुरगढ़ क्षेत्र से जुड़े तीन दर्जन से भी अधिक गांवों को हेपेटाइटिस बीमारी का प्रकोप है। इस जानलेवा बीमारी से तीन सप्ताह में अब तक कई मौतें हो चुकी हैं।
अमर उजाला ने भी अपने कई अंकों में गढ़, सिंभावली और बहादुरगढ़ में भूजल दूषित होने से हेपेटाइटिस बीमारी फैलने की खबर प्रमुखता से प्रकाशित की है। इस पर सेहत महकमा हरकत आ गया है।
सीएचसी अधीक्षक डॉ.रविंद्र के कड़े निर्देशन में स्वास्थ्य विभाग की एक टीम डॉ. सुहेल और डॉ.किरन के नेतृत्व में सोमवार को गांव मानकचौक पहुंची तो परीक्षण के दौरान हेपेटाइटिस बीमारी से पीड़ितों की बड़ी तादाद सामने आ गई।
इस दौरान सामाजिक संगठन समर्थ शिक्षा सेवा समिति संस्थापक राजकुमार उपाध्याय, सचिव उमेश लोधी, राजकुमार कर्दम, ग्राम प्रधान सुमन गौतम ने स्वास्थ्य टीम को हेपेटाइटिस बीमारी से हुईं मौतों के बारे में जानकारी दी।
डॉ.सुहेल ने बताया कि कैंप में सौ से अधिक ग्रामीणों के रक्त के नमूने लेकर जांच को भेजे गए हैं, इनमें 30 रोगियों में हेपेटाइटिस बीमारी के लक्षण प्रतीत हो रहे हैं।