कार्तिक पूर्णिमा गंगा स्नान मेले का समापन होने के बाद व्यापारियों ने गुजरी मेले में पड़ाव डाल लिया है लेकिन झमाझम बारिश होने से फिलहाल उनके द्वारा की जा रहीं सभी तैयारी ठप हो गई हैं।
बता दें कि पौराणिक खादर मेले का समापन होने के बाद गढ़ के प्राचीन मीरा रेती में एतिहासिक गुजरी मेला लगता है खादर मेले से लौटने वाले व्यापारी गुजरी मेले में दुकान लगाते हैं।
गढ़ की नौचंदी कहलाने वाले गुजरी मेले में मेरठ के दही बड़े और मिट्टी के परंपरागत बर्तनों की बिक्री बड़े स्तर पर होती है, जहां नगर समेत आसपास के दर्जनों गांवों से महिला-बच्चों समेत हजारों की भीड़ जुटती है।
गुजरी मेले में हवाई झूले गढ़ गए हैं और मनोरंजन से जुड़े विभिन्न साधनों का आगमन जारी चल रहा है। लेकिन मंगलवार दोपहर को अचानक झमाझम बारिश होने से मीरा रेती की सड़कों पर पानी भर गया है, जिससे फिलहाल गुजरी मेला प्रारंभ होने में देरी होनी तय है।