हापुड़। हापुड़-पिलखुवा विकास प्राधिकरण जिले में नई आवासीय कॉलोनी विकसित करेगी। 145 करोड़ से विकसित होने वाली हरिपुर आवासीय कॉलोनी का प्रस्ताव मंडलायुक्त की अध्यक्षता में हुई बोर्ड बैठक में पास हो गया। करीब 10 एकड़ में यह योजना विकसित होगी, इसके लिए बाबूगढ़, अच्छेजा और गढ़मुक्तेश्वर में जमीन चिह्नित हो चुकी है। बैठक में 20 में से 13 प्रस्तावों को स्वीकृति मिल गई है। शेष सात प्रस्तावों में भू-परिवर्तन के मामले शामिल थे, जिन्हें विस्तार से आगामी बैठक में रखने के निर्देश दिए गए हैं।
सोमवार देर रात मंडलायुक्त हृषिकेश भास्कर यशोद की अध्यक्षता में हापुड़-पिलखुवा विकास प्राधिकरण की 72वीं बोर्ड बैठक हुई। जिसमें विकास कार्यों के 20 प्रस्तावों पर चर्चा हुई। प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डॉ. नितिन गौड़ ने बताया कि मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण नई प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत हरिपुर आवासीय योजना को विकसित करने जैसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव को मंजूरी मिली। साथ ही आनंद विहार आवासीय योजना में अर्द्धनिर्मित 64 एचआईजी और 152 एमआईजी भवनों के निर्माण का रास्ता भी साफ हो गया है। प्राधिकरण पुराने ठेकेदार को बकाया भुगतान करके नए बिल्डर्स को ई-नीलामी के जरिए भवनों के निर्माण का काम देगा। यह बिल्डर यहां पर फ्लैट का निर्माण करेंगे। इसके अतिरिक्त आनंद विहार आवासीय योजना के ब्लॉक-के में भूखंड संख्या जीएच-3 भूमि व ब्लाक-डी में भूखंड संख्या-ओपी-1 के 6045 वर्ग मीटर क्षेत्रफल को सबडिवाइड करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिल गई है। साथ ही अमृत 2 योजना के अंतर्गत प्राधिकरण की गढ़-ब्रजघाट महायोजना-2031 तैयार की जाएगी। इसके लिए एक एजेंसी को नामित किया जाएगा। जो हापुड़, धौलाना, पिलखुवा के बाद गढ़-ब्रजघाट के विकास खाका भी तैयार करेंगे। प्रस्ताव संख्या छह में महायोजना-2031 में जोनल प्लान तैयार करने को भी स्वीकृति मिली है।
यह महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी हुए पास
- आनंद विहार आवासीय योजना में ही ग्राम अच्छेजा की 12.372 हेक्टेयर भूमि को भू-स्वामियों से सीधे क्रय किया जाएगा। यहां पर आवासीय कॉलोनी विकसित की जाएगी।
- प्रीत विहार आवासीय योजना के द्वितीय चरण में 765 केवी की हाईटेंशन लाइन को शिफ्ट नहीं किया जाएगा। इससे प्रभावित भूखंड आवंटियों को जमा धनराशि वापस की जाएगी।
- हापुड़ स्थित ग्राम जटपुरा पिलखुवा-मोदीनगर मार्ग के मध्य प्रस्तावित 30 मीटर चौड़े मार्ग को मंजूरी मिली है।
- भू-उपयोग परिवर्तन के प्रस्तावों में औद्योगिक नीति-2022 में परिवर्तन शुल्क से छूट मिलेगी।
होटल और पेट्रोल पंप के लिए मिली छूट
भवन निर्माण एवं विकास उपविधि-2008 में भी संशोधन हुआ है। जिसके तहत पेट्रोल पंप लगाने पर अब कुछ छूट भी मिलेंगी। पहले पेट्रोल पंप के लिए नौ मीटर एंट्री और निकास का रास्ता चाहिए होता था, अब साढ़े सात मीटर में ही काम हो जाएगा। 300 वर्ग मीटर वाले होटल में अब 20 कमरों तक का निर्माण किया जा सकता है।
भू-परिवर्तन के प्रस्तावों में मिली कमियां
नई औद्योगिक इकाइयां लगाने के लिए कई लोगों ने भू-परिवर्तन के प्रस्ताव दिए हुए हैं। सोमवार को हुई बैठक में भी सात प्रस्ताव रखे गए, लेकिन प्रस्तावों को स्वीकृति नहीं मिल सकी। भू-परिवर्तन के बाद यह जमीनें कृषि से अकृषि होंगी। कमियों को ठीक करके दोबारा बैठक में रखने के निर्देश दिए गए हैं।