भिक्षा लेने के बहाने दंपती को बंधक बना किया लूट का प्रयास
पिलखुवा। शनिदेव महाराज का यज्ञ करने के लिए साधु बनकर भिक्षा लेने के बहाने घर में घुसे तीन व्यक्तियों ने दपती को बंधक बना मारपीट कर लूटपाट करने का प्रयास किया। पीड़ित दंपती की चीखपुकार सुनकर मौके पर पहुंचे पड़ोसियों ने तीनों आरोपियों को पकड़ जमकर धुनाई करने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस के हवाले किया है। पुलिस ने तलाशी में आरोपियों की झोली से विभिन्न प्रकार की पूजा-पाठ का सामना और कई जन्मपत्री बरामद की हैं।
कोतवाली क्षेत्र के गांव मीरापुर निवासी संजय कुमार सड़क दुर्घटना में घायल होने के चलते घर पर ही है। रविवार दोपहर तीन लोग साधु के भेष में उसके घर के बाहर दरवाजे पर पहुंचे। तीनों साधुओं ने शनिदेव का यज्ञ कराने के लिए चंदा और भिक्षा की मांग की। महिला नेहा ने साधुओं को भिक्षा दी। इसके बाद तीनों ने महिला से भूख लगने की बात कहकर खाना मांगा। महिला ने खाना दे दिया। इसी बीच आरोपियों ने महिला को बताया कि उसके परिवार पर विभिन्न प्रकार की विपत्तियां चल रही है। इनका उपचार होना बहुत जरूरी है। तीनों ने बातचीत में दंपत्ति गुमराह हो गया। महिला से उपचार करने के नाम पर आरोपियों ने एक हजार रुपये की मांग की। महिला ने उन्हें रुपये दे दिए। इसी बीच ठगों ने देखा कि घर में महिला अकेली है और उसका पति घायल अवस्था में चारपाई पर पड़ा है। पीड़ित संजय का कहना है कि इसी बीच तीनों आरोपियों ने रुपयों की मांग बढ़ाते हुए बंधक बना मारपीट करनी शुरू कर दी। दंपती के शोर मचाने पर ग्रामीण एकत्रित हो गए और तीनों को मौके पर पकड़ लिया और सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने हवाले कर दिया।
आपस में रिश्तेदार हैं पकड़े गए तीनों बदमाश
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक मुनीष प्रताप सिंह ने बताया कि गिरफ्तार तीनों आरोपी रामशरण निवासी बुलंदशहर, वीरपाल निवासी रामपुर, किशन जोशी निवासी गढ़मुक्तेश्वर हैं। तीनों आपस में रिश्तेदार हैं और वर्तमान में मोदीनगर रोड स्थित चंद्रलोक कॉलोनी हापुड़ में रहते हैं। जांच में सामने आया है कि आरोपी मांगने के बहाने गली-मोहल्लों में घूमते हैं और जिस मकान में महिला देखी। वहां पहुंचकर पहले खाने के लिए कुछ मांगते और बाद में उसके परिवार पर विभिन्न की विपत्तियां बताकर लाखों रुपये की ठगी कर लेते हैं। आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।