बिना जांच कराए शव दफनाने का आरोप, किया प्रदर्शन
पिलखुवा। ग्रामीणों ने पुलिस पर शव की बिना पहचान कराए उसे दफनाने का आरोप लगाया है। रविवार देर शाम परिजनों ने मृतक की फोटो देखकर पहचान की। पुलिस की इस कार्यशैली से गुस्साए ग्रामीणों ने सोमवार को सीओ पिलखुवा के कार्यालय पर पहुंचे। ऑफिस में सीओ के नहीं मिलने पर ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना है कि मामले में चौकी प्रभारी ने लापरवाही बरती है, जिसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक से की जाएगी।
नगर पालिका कर्मियों ने गत 28 दिसंबर को परिसर के वाहन पार्किंग स्थल में एक व्यक्ति को घायलावस्था पड़ा देख मामले की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने घायल को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी मृत्यु हो गई। सोमवार को सीओ पिलखुवा कार्यालय में पहुंचे दर्जनों ग्रामीणों ने बताया कि मृतक धौलाना क्षेत्र के गांव लालपुर सौलाना निवासी 30 वर्षीय मतलूब था। वह खेती-बाड़ी कर अपने परिवार का भरण पोषण कर रहा था। गत 28 दिसंबर को वह किसी काम से पिलखुवा गया था। देर शाम तक वापस घर नहीं पहुंचने पर उसकी तलाश की गई। रविवार को गांव सिखेड़ा निवासी एक रिश्तेदार ने गांव में अज्ञात व्यक्ति के शव को दफनाया जाने की सूचना दी। जिस पर गांव में जाकर संपर्क किया गया और मृतक का फोटो देखने के बाद उसकी पहचान मतलूब के रूप में हुई। ग्रामीणों का आरोप है कि मारवाड़ चौकी प्रभारी संजीव कुमार ने शव की पहचान कराने का नियमानुसार कतई भी प्रयास नहीं किया था। जिसके कारण शव की पहचान नहीं हो सकी और परिजन दफना नहीं पाये। पुलिस की इस कार्यशैली से गुस्साए ग्रामीणों ने सोमवार को पालिका परिसर स्थित सीओ कार्यालय पर जमकर प्रदर्शन कर चौकी प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग एसपी से की। प्रदर्शन करने वालों में अंसार, रिंकू, पप्पू, शान मौहम्मद, शाहनवाज, जुल्फकार, सादाव, नियामत समेत अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे।
तीन दिन तक शव रखा गया था
सीओ पिलखुवा डॉ. तेजवीर सिंह ने बताया कि व्यक्ति की अस्पताल में मौत हुई थी और पोस्टमार्टम के बाद तीन दिन तक शव रखा गया था। इसके बाद नियमानुसार गांव प्रधान सिखेड़ा अब्बास मस्तान के सहयोग से सिखेड़ा गांव में शव को दफनाया गया है। मृतक के परिजनों ने रविवार देर शाम फोटो देखकर पहचान की।