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सीएम तक पहुंचा डंपिंग ग्राउंड विवाद, पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप

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डंपिंग ग्राउंड के विरोध में गालंद पंचायत घर पर धरनारत ग्रामीण। - फोटो : PILAKHWA
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सीएम तक पहुंचा डंपिंग ग्राउंड विवाद, पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप
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पिलखुवा। गालंद में बनाये गए डंपिंग ग्राउंड का विवाद सीएम तक पहुंच गया है। मामले में अब जन कल्याण किसान वेलफेयर संघर्ष समिति के अध्यक्ष राजीव तोमर ने मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ को पत्र भेजा है जिसमें सीओ और पिलखुवा कोतवाल पर गाली-गलौज, मारपीट करने और गोली मारने की धमकी देने के आरोप लगाए हैं। सीएम से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं दूसरी ओर डंपिंग ग्राउंड के विरोध में गालंद गांव के पंचायत घर पर ग्रामीणों का बुधवार को भी धरना जारी रहा।
संघर्ष समिति के अध्यक्ष राजीव उर्फ राजू तोमर ने बताया कि गत वर्ष 2005 में नगर निगम गाजियाबाद के मास्टर प्लान 2021 में कूड़ा घर शामिल किया। इसके लिए गाजियाबाद के डूंडाहेडा में 14 एकड़ भूमि चिन्हित की गई थी। लेकिन, बिल्डरों के खेल के चलते डूंडाहेड़ा में प्लांट नहीं लगाया गया और गालंद गांव में जमीन चिन्हित कर ली गई। इसके विरोध में ग्रामीणों ने उच्च न्यायालय में शरण ली। जिसमें न्यायालय ने ग्रामीणों के पक्ष में फैसला सुनाया। आरोप है कि इसके बावजूद गाजियाबाद नगर निगम के अधिकारी गालंद में प्लांट लगाने का प्रयास कर रहे हैं।इसी विरोध के चलते तीन अक्तूबर से गालंद समेत कई गांवों के ग्रामीण धरने पर बैठे है। 22 एवं 23 नवंबर को निगम एवं सीओ पिलखुवा ने पुलिस बल को साथ लेकर भूमि की चहारदीवारी कराने का कार्य शुरू करा दिया, गत 24 अक्तूबर को निर्माण कार्य कार्य को रुकवाने पहुंचे ग्रामीणों के साथ पुलिस द्वारा मारपीट की गई। मौके पर पहुंची महिलाओं के साथ अभद्रता की गई। आरोप है कि पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों पर पिस्टल तानकर गोली मारने की धमकी दी। पत्र में सीएम से आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं बुधवार को पंचायत घर पर धरना जारी रहा। इस दौरान लम्मी शर्मा, रहसुद्दीन, रामवीर, राजकुमार, राजाराम, मोनू तोमर, भीमा, ब्रिजेश, अमन, राहुल, प्रदीप, मनवीर, विष्णु, गोविंद, सुरेंद्र, नैनसिंह, रामभूल, गोपाल, रामोतार समेत अन्य ग्रामीण शामिल रहे।
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सभी आरोप निराधार है। गाजियाबाद निगम ने अपनी जमीन की चहारदीवारी कराई थी। जिसे ग्रामीणों द्वारा ढहा दिया गया। मामले में निगम के जेई द्वारा थाने पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
- डॉ. तेजवीर सिंह, सीओ पिलखुवा।
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