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डंपिंग ग्राउंड मामला- महापंचायत की तैयारी में जुटे ग्रामीण

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गालंद गांव में डंपिंग ग्राउंड क विरोध में धरना पर बैठे कई गांवों के ग्रामीण। - फोटो : PILAKHWA
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महापंचायत की तैयारी में जुटे ग्रामीण
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पिलखुवा। डंपिंग ग्राउंड के विरोध में आगामी आठ नवंबर को होने वाली महापंचायत को सफल बनाने के लिए ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है। महापंचायत का आयोजन किसान मजदूर संगठन और धरनारत ग्रामीणों द्वारा बनाई गई संघर्ष समिति के बैनर तले किया जाएगा। महापंचायत को सफल बनाने के लिए ग्रामीण लगातार धौलाना विधानसभा क्षेत्र के गांवों में जनसंपर्क कर रहे हैं। जोर-शोर से प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। इसमें कई राजनीतिक दलों के नेताओं के पहुंचने की उम्मीद है। वहीं दिवाली पर भी बृहस्पतिवार को ग्रामीणों का धरना जारी रहा।
गाजियाबाद नगर निगम ने गालंद गांव में 44.25 एकड़ भूमि खरीदी थी। निगम खरीदी गई भूमि पर कूड़ा प्रोससिंग प्लांट लगाना चाहता है। इसका गालंद समेत कई गांवों के ग्रामीण विरोध कर रहे हैं। इसी कारण गत तीन अक्तूबर से कई गांवों के ग्रामीण धरने पर बैठे हैं। जो दिवाली पर भी जारी रहा। धरनारत ग्रामीणों द्वारा संघर्ष समिति का गठन किया जा चुका है। समिति एवं किसान मजदूर संगठन द्वारा आगामी आठ नवंबर को महापंचायत का ऐलान किया हुआ है। इसमें धौलाना विधानसभा से बड़ी संख्या में ग्रामीणों के पहुंचने की संभावना है। समितियों के पदाधिकारी लगातार गांवों में जनसंपर्क कर रहे हैं।
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गालंद के ग्रामप्रधान संजय कोरी का कहना है कि महापंचायत को सफल बनाने में किसी तरह की कसर नहीं छोड़ी जाएगी। गांव-गांव जाकर नुक्कड़ बैठक पर अधिक से अधिक लोगों से महापंचायत में आने का आह्वान किया जा रहा है। धरने पर बैठने वालों में राजू तोमर, मनोज तोमर, हरिओम, दीपक, सीताराम, आशु, किरपाल, जाहिद, मोमिन, रहीश, संजीव, अन्नू, रामौतार, लालसिंह आदि ग्रामीण मौजूद रहे।
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धरनारत ग्रामीणों से पुलिस की वार्ता जारी है। उन्हें निगम द्वारा जमीन की बाउंड्रीवॉल कराने के लिए समझाने का लगातार प्रयास जारी है। महापंचायत के आयोजन के लिए ग्रामीणों द्वारा अभी तक कोई अनुमति नहीं गई है। - डॉ. तेजवीर सिंह, सीओ पिलखुवा।
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