रिश्वत के आरोप में फंसा पालिका का चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भी निलंबित
पिलखुवा। रिश्वत के आरोप में जेल गए नगर पालिका के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को अधिशासी अधिकारी ने निलंबित कर दिया हैं। उक्त प्रकरण में नामजद पालिका के अवर अभियंता और लिपिक के खिलाफ कार्रवाई के लिए पालिका चेयरमैन व शासन को पत्र भेजा गया है। इसके अलावा आरोपी बाबू का भी चार्ज छीनकर अन्य कर्मचारी को दे दिया गया है। इस कार्रवाई से पालिका में हड़कंप मच गया है।
गत सोमवार को एंटी करप्शन मेरठ की टीम ने छापा मारकर पालिका के एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। बाद में टीम के प्रभारी कुंवरपाल सिंह ने कोतवाली में पालिका के अवर अभियंता गिरीश कुमार एवं लिपिक शैलेन्द्र गोड़ तथा गिरफ्तार चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी विनोद कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सोमवार की ही देर रात पालिका के अधिशासी अधिकारी विकास कुमार किसी काम से लखनऊ चले गए थे। लखनऊ से बृहस्पतिवार की दोपहर वापस लौटने पर उन्होंने रिश्वत के आरोप में गिरफ्तार कर्मचारी विनोद कुमार को निलंबित कर दिया। इसके अलावा लिपिक शैलेन्द्र गौड़ को बगैर सूचना दिए कार्यालय से गैर हाजिर चलने तथा अवर अभियंता गिरीश कुमार के खिलाफ भी कार्रवाई के लिए पालिका चेयरमैन व शासन को पत्र भेजा गया है।
पालिका के अधिशासी अधिकारी विकास कुमार ने बताया कि रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी को निलंबित कर दिया है। वहीं आरोपी लिपिक के खिलाफ कार्रवाई के लिए चेयरमैन को पत्र भेजा गया है जबकि आरोपी अवर अभियंता के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। नामजद आरोपी लिपिक शैलेन्द्र गौड़ द्वारा बिना बताए कार्यालय से गैर हाजिर रहने के कारण पालिका का कार्य सुचारू रूप से संचालन करने को समस्त कार्यों का चार्ज पालिका के लिपिक जितेंद्र कुमार को दिया गया है।