लिंग परीक्षण के खेल में शामिल था सरकारी अस्पताल का वार्ड ब्वॉय
हापुड़। धौलाना में लिंग परीक्षण का पर्दाफाश होने के मामले में पकड़े गए तीन दलालों में एक सरकारी अस्पताल का वार्ड ब्वाय बताया गया है। उसके पास अस्पताल की आईडी भी थी। हालांकि तीनों को जेल भेजा जा चुका है, लेकिन मास्टर माइंड अभी फरार है। केंद्र पर सील तक नहीं लग सकी है, ढिलाई से कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं।
हरियाणा की पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने धौलाना में लिंग परीक्षण के खेल का पर्दाफाश किया था। तीन दलालों को रंगे हाथ पकड़ा गया, डमी गर्भवती की निशानदेही पर उस केंद्र का भी भौतिक सत्यापन किया गया जहां यह गोरखधंधा चल रहा था।
लेकिन दिलचस्प बात यह है कि इस प्रकरण में न तो अल्ट्रासाउंड की मशीन जब्त की गई और न ही उस चिकित्सक तक पुलिस पहुंच सकी है जो अल्ट्रासाउंड कर रहा था। ऐसे में पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। मजे की बात यह है कि रात में ही स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय पुलिस ने घर का भौतिक सत्यापन भी किया था।
साक्ष्य जुटाने के बजाय जहां अल्ट्रासाउंड हो रहा था उसे सील तक नहीं किया गया। परिणाम यह रहा कि आज तक न तो चिकित्सक पड़ा जा सका है और न ही सीलिंग की कोई कार्रवाई हुई है। सिर्फ तीन दलालों को पकड़ा गया है। हरियाणा की टीम ने दूसरे प्रदेश में बैठकर भी इस गोरखधंधे का पर्दाफाश कर दिया, लेकिन हापुड़ की टीम सब कुछ खुलासा हो जाने के बाद भी खाली हाथ बैठी है, इससे लिंग परीक्षण जैसा अपराध करने वालों के मंसूबे बढ़े हुए हैं।
कोट =
एक दलाल के पास थी वार्ड ब्वाय की आईडी
इस प्रकरण में पकड़े गए दलाल चंद्रप्रकाश के पास आईडी मिली थी, इसमें उसने खुद को केला भट्टा स्थित पीपीसी का वार्ड ब्वाय बताया था। इस मामले में स्थानीय अफसरों को भी सूचना दी गई है। अल्ट्रासाउंड करने वाले की पुलिस तलाश कर रही है।
-डॉ दिनेश खत्री, सीएचसी अधीक्षक