दहेज हत्या के दोषी पति को सात साल की कैद
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क्षेत्र के गांव करीमपुर भाई पुर मिलक में दहेज के लिए गर्भवती महिला की फांसी लगाकर की गई हत्या के मामले में पुलिस की प्रभावी पैरवी के चलते आरोपी पति के दोष सिद्ध होने पर कोर्ट ने उसपर सात वर्ष की सश्रम कारावास और 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। मामला छह वर्ष पूर्व गांव करीमपुर भाई पुर मिलक में घटित हुआ था।
जानकारी के मुताबिक, सपनावत निवासी महावीर सिंह ने अपनी बेटी नीरज की शादी करीमपुर भाई पुर मिलक निवासी डब्बू उर्फ नरेश पुत्र ब्रजपाल सिंह के साथ की थी। उन्होंने अपनी हैसियत के मुताबिक दहेज दिया था। महावीर सिंह ने बताया कि ससुराल वालों की दहेज को लेकर लगातार मांग बढ़ती रही।
उन्होंने बताया कि पति व अन्य परिजन दो लाख रुपए की मांग कर रहे थे, जिनमें से करीब एक लाख रुपया दे दिया गया। नीरज की डिलीवरी होने वाली थी। तो 50 हजार रुपए की मांग फिर से की जा रही थी। आरोप है कि ससुराल वाले तीन वर्षीय बेटी की मां और आठ माह की गर्भवती नीरज की हत्या कर उसके शव को छत से लटकाकर फरार हो गए।
मृतका के परिजनों को सूचना मिलने पर पुलिस को जानकारी दी थी। मृतका के पिता महावीर सिंह की तहरीर पर पति नरेश, सास किरण, जेठ संजीव, नवीन व ससुर को नामजद करते हुए 304बी, 498ए , 316 व 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम के अन्तर्गत मुकदमा दर्ज किया गया था।
पुलिस ने महिलाओं व बालिकाओं से संबंधित प्रचलित वादों में आरोपियों को सजा दिलाए जाने के अभियान के अन्तर्गत प्रभावी पैरवी की। कोर्ट ने इस मामले में पति डब्बू उर्फ नरेश पुत्र ब्रजपाल सिंह को दोषी करार देते हुए सात वर्ष की सश्रम सजा और 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है।