धौलाना में लिंग परीक्षण का भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार
हापुड़। धौलाना में लिंग परीक्षण का भंडाफोड़ हुआ है। हरियाणा पुलिस और स्थानीय स्वास्थ्य विभाग ने तीन दलालों के साथ ही इस फर्जी केंद्र का पर्दाफाश किया है। मास्टमाइंड फिलहाल फरार है, पकड़े गए दलाल हापुड़, गाजियाबाद, एटा के रहने वाले हैं जो यूपी समेत कई राज्यों तक अपना नेटवर्क फैलाए हुए हैं। यह सेंटर एक मकान की छत पर चल रहा था, मकान मालिकों से भी इस संबंध में पूछताछ की जा रही है।
लड़का और लड़की के लिंगानुपात को संतुलित बनाए रखने के लिए लिंग परीक्षण पूरी तरह प्रतिबंधित है। जिले में संचालित समस्त अल्ट्रासाउंड सेंटरों के बाहर भी बोर्ड पर इस आदेश को चस्पा कराया गया है। लेकिन अधिकारियों की आंखों में धूल झोंक कर यह गोरखधंधा अभी भी चल रहा है।
हरियाणा के स्वास्थ्य विभाग को लिंग परीक्षण का इनपुट मिला था, जिसके तार हापुड़ से जुड़े हुए थे। एक डमी गर्भवती को तैयार कर, सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। सबसे पहले कैथल से एक दलाल को चिह्नित किया गया, जो मूल रूप से एटा निवासी चंद्रप्रकाश था। गर्भवती ने उससे संपर्क किया तो लिंग परीक्षण कराने का उसने करीब 60 हजार में ठेका ले लिया।
कैथल से दलाल ने गाजियाबाद के वैशाली निवासी दूसरे दलाल मोहम्मद हसन से संपर्क किया। उसका इशारा मिलने पर गर्भवती को लेकर दोनों गाजियाबाद आ गए। इसके बाद खेल शुरू हुआ तीसरे दलाल का जो हापुड़ जिले के ही बाबूगढ़ थाना के गांव कोटा हरनाथपुर का ही रहने वाला था। उसने दोनों दलालों को धौलाना आ जाने का संदेश भेज दिया।
हरियाणा पुलिस रख रही थी नजर
हरियाणा पुलिस लोकेशन के जरिए हर गतिविधि पर नजर रखे थी। ऐसे ही तीनों धौलाना स्थित केंद्र पर पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें दबोच लिया। हालांकि इस खेल को अंजाम देने वाला मास्टरमाइंड मौके पर नहीं मिल सका। इसकी सूचना स्थानीय स्वास्थ्य विभाग को दी गई, पीसीपीएनडीटी नोडल डॉ. दिनेश खत्री टीम के साथ धौलाना पहुंचे। बिना पंजीकरण ही वहां अल्ट्रासांउड किए जाते मिले। डॉ. दिनेश खत्री की तहरीर पर तीनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। वहीं, मास्टर माइंड की तलाश भी तेज कर दी गई है।
एप के जरिए लोगों को करते थे गुमराह
लिंग परीक्षण के खेल में दिलचस्प बात यह भी थी कि इस सेंटर पर एक एप के जरिए गर्भवती महिलाओं को ठगने के साथ ही उन्हें गलत जानकारी दी जाती थी। पेट पर प्रोब को लगाकर मोबाइल फोन पर एप के जरिए तस्वीरें दिखायी जाती थी, इसके बाद गुमराह करने के लिए लड़का या लड़की होने की बात कह, घर भेज दिया जाता था।
गढ़ क्षेत्र के जंगल में भी पकड़ा गया था खेल
बीते दिनों गढ़ क्षेत्र में जंगलों के बीच भी एक अल्ट्रासाउंड कर लिंग परीक्षण के खेल का पर्दाफाश हुआ था। स्थानीय स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ही डमी गर्भवती को भेजकर यह ऑपरेशन किया था।
इन राज्यों तक फैला है जाल
हापुड़ में हो रहे लिंग परीक्षण का तार हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, उत्तराखंड समेत कई राज्यों से जुड़े हुए हैं। इसमें सक्रिय दलालों की संख्या भी काफी अधिक है।
अल्ट्रासाउंड सेंटरों की होगी औचक जांच
अल्ट्रासाउंड सेंटरों की औचक जांच की जाएगी, जिस पर सेंटर पर रिकॉर्ड पूरा नहीं मिलेगा, ट्रेकर नहीं होगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। गलत कार्य किसी हाल में नहीं होने दिया जाएगा।
- डॉ दिनेश खत्री, नोडल पीसीपीएनडीटी।
तीन के खिलाफ दर्ज की है रिपोर्ट
पीसीपीएनडीटी के नोडल की तहरीर पर एटा के जलेसर थाना के गांव उड़ाना सराय नवी निवासी चंद्रप्रकाश उर्फ अविनाश बघेल, गाजियबाद के वैशाली निवासी मोहम्मद हासन, बाबूगढ़ के कोटा हरनाथपुर निवासी बॉबी पुत्र रोहताश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
-सर्वेश मिश्र, एएसपी