महिला से छेड़छाड़ के चार दोषियों को तीन-तीन वर्ष का कारावास
हापुड़। अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट कोर्ट ने एक महिला के साथ छेड़छाड़, जाति सूचक अपशब्दों का प्रयोग करने व मारपीट के मामले में चार आरोपियों को दोषी करार दिया है। सभी दोषियों को तीन-तीन वर्ष की सजा व प्रत्येक पर 19-19 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
विशेष लोक अभियोजक विनीता त्यागी ने बताया कि गढ़मुक्तेश्वर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने पांच फरवरी 2019 को थाने में तहरीर दी। जिसमें उसने कहा कि उनके गांव के ही नदीम, दानिश, कासिम व अफसर काफी समय से उनसे रंजिश रखते थे। चार फरवरी 2019 को चारों लोग उनके घर के बाहर आकर गाली-गलौज करने लगे। जिसका उनकी पत्नी द्वारा विरोध किया गया। जिस पर चारों उनकी पत्नी व भाई की पत्नी के साथ छेड़छाड़ करने लगे। जिसका विरोध करने पर उन्होंने पत्नी के साथ मारपीट व जाति सूचक अपशब्दों का प्रयोग किया। जिसकी सूचना मिलने पर वह भी मौके पर पहुंच गए। आरोपियों ने उनके साथ भी मारपीट की। वादी की दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने मामले की एससी/एसटी एक्ट के अलावा घर में घुसकर मारपीट सहित विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की। जिसके बाद पुलिस ने मामले का आरोप पत्र अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट कोर्ट में पेश किया। मामले में दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायाधीश उमाकांत ने मंगलवार को निर्णय सुनाया। जिसमें चारों आरोपियों को दोषी करार देते हुए तीन-तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक पर 19-19 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड न देने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।