लुधियाना से कच्चा माल मंगाकर पटाखे बना रहा था वसीम
हापुड़। धौलाना में पटाखे की अवैध फैक्टरी का संचालक वसीम लुधियाना से कच्चा माल मंगाता था। पटाखे तैयार कर फिर से लुधियाना भेज देता था। पुलिस से पूछताछ में उसने बताया कि पटाखे बनाने का काम उसका पुराना है। लाइसेंस नवीनीकरण नहीं होने पर उसने अवैध रूप से धंधा शुरू कर दिया।
धमाके के दौरान वसीम फैक्टरी के अंदर ही मौजूद था। दूर होने के कारण वसीम के केवल हाथ और पैर ही झुलसे। कुछ लगने के कारण सिर में मामूली चोट लगी। घबराकर वह बाहर निकाला और ऑटो पकड़कर खिचरा के एक अस्पताल में अपनी पट्टी कराई। यहां से वह मुजफ्फरनगर के मोरना अपनी ससुराल पहुंच गया। रविवार को पुलिस वसीम और फैक्टरी मालिक दिलशाद को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस पूछताछ में वसीम ने बताया कि उसका पटाखों का पुराना काम है। वर्ष 2018 में उसके पटाखे के लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं हुआ। घर की आर्थिक स्थिति खराब हुई तो उसने अवैध रूप से पटाखे बनाने का फैसला किया। तभी से वह ठिकाने बदल-बदल कर पटाखे बना रहा है।
धौलाना में अप्रैल से शुरू किया था काम
वसीम ने बताया कि पटाखा पिस्टल की बाजार में अच्छी मांग है। इसके लिए लुधियाना के विक्की से उसने संपर्क किया। विक्की ही उसे कच्चा माल उपलब्ध कराने और इसके बाद तैयार माल लेने का ऑफर दिया था। इसके बाद एक जानकार के माध्यम से दिलशाद से संपर्क किया। उसकी फैक्टरी को किराये पर लेने की पेशकश की। दिसंबर 2021 में सौ रुपये के स्टांप पर एक करारनामा कर फैक्टरी को किराये पर ले लिया। पटाखे बनाने का कार्य अप्रैल के पहले सप्ताह से शुरू किया था। लेबर ठेकेदार अमित ने 13 हजार रुपये मासिक तनख्वाह पर लेबर उपलब्ध कराया था। फिलहाल फैक्टरी में 32 लोग काम कर रहे थे।
मेरठ और हापुड़ में दर्ज हैं चार मुकदमे
आरोपी वसीम पर अवैध पटाखे बनाने के आरोप में वर्ष 2017 से 2018 के बीच चार मुकदमे दर्ज हैं। तीन हापुड़ के हाफिजपुर थाने में और एक मेरठ के फलावदा थाने में दर्ज है।
वसीम और दिलशाद को भेजा जेल, विक्की की तलाश
पुलिस मामले से जुड़े बाकी आरोपियों की तलाश में जुट गई है। लुधियाना के विक्की की भी तलाश है। पटाखों के लिए बारूद कहां से आता था और इस धंधे में और कौन-कौन लोग शामिल हैं, इसका भी पता लगाया जा रहा है। सोमवार को पुलिस ने दोनों आरोपियों वसीम और दिलशाद को सीजेएम कोर्ट में पेश किया, जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया।