सीएचसी में नहीं हुआ सीटी स्कैन, मरीजों ने किया हंगामा
हापुड़। झोलाछापों के परामर्श पर बुधवार को गढ़ रोड सीएचसी में 120 से अधिक मरीज सीटी स्कैन कराने पहुंचे। चिकित्सकों ने उनसे बीमारी के बारे में पूछा तो कुछ नहीं बताया, सिर्फ सीटी स्कैन कराने की जिद पर अड़ गए। चिकित्सकों ने इनकार किया तो हंगामा शुरू कर दिया, इस दौरान ओपीडी भी काफी देर तक प्रभावित रही। नोकझोंक के बाद कुछ मरीज लौट गए, बाकी मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया, जिसमें 15 के ही पर्चे बनाए जा सके।
प्राइवेट अस्पतालों में सीटी स्कैन एक हजार रुपये से अधिक में होता है। स्वास्थ्य विभाग के पास सिर्फ एक ही सीटी स्कैन मशीन हैं, जहां फ्री में इसकी सुविधा मरीजों को दी जाती है। लेकिन ऐसे मरीजों का ही सीटी स्कैन होता है, जिन्हें वास्तव में गंभीर बीमार है और सामान्य जांच में बीमारी पकड़ में नहीं आ रही।
निशुल्क सुविधा का लाभ लेने के लिए बाहर के लिखे पर्चे लेकर भी मरीज सीधे सीटी स्कैन चैंबर में पहुंच जाते हैं। जबकि एक रुपये का पर्चा और सीएचसी के चिकित्सकों के परामर्श के बिना सीटी स्कैन पर रोक लगाई गई है। बुधवार को करीब 120 मरीज अस्पताल पहुंचे, जिन्हें सीटी स्कैन कराना था।
चिकित्सकों ने उनसे बीमारी के बारे में पूछा तो कुछ नहीं बताया, सिर्फ सीटी स्कैन कराने का ही दबाव बनाने लगे। चिकित्सकों ने इनकार किया तो हंगामा शुरू हो गया, जनरल ओपीडी में चिकित्सक के साथ बिन वजह मरीज उलझते रहे। चिकित्सक ने वार्डों में चस्पा सीटी स्कैन के नुकसान संबंधी नोटिस के बारे में बताया फिर भी मरीज नहीं माने। इस दौरान नोकझोंक के चलते चैंबर के बार मरीजों की लंबी लाइन लग गई।
120 में 65 को सिर दर्द
सीटी स्कैन कराने के लिए अस्पताल पहुंचे 120 मरीजों में 65 को सिर दर्द था। मरीजों ने चिकित्सकों को बताया कि पिछले तीन से चार दिन से दर्द बना हुआ है, इसी का पता करने के लिए सीटी स्कैन कराने आए हैं। यह सलाह उन्हें उनके मोहल्लों में खुले क्लीनिक के चिकित्सकों ने दी थी।
स्वास्थ्य परीक्षण के बाद 15 के बने पर्चे
सीटी स्कैन के लिए आवेदन करने वाले मरीजों को सीएचसी के चिकित्सकों ने स्वास्थ्य परीक्षण किया। इस दौरान चिकित्सकों ने पाया कि सिर्फ 15 मरीजों की ही सीटी स्कैन जांच जरूरी थी।
एक हजार एक्सरे के बराबर है सीटी स्कैन
अस्पताल के फिजिशियन डॉ अशरफ ने बताया कि एक बार सीटी स्कैन कराना एक हजार एक्सरे के बराबर है। इससे निकलने वाली हानिकारक किरणें कैंसर का खतरा बनती हैं, साथ ही डीएनए को नुकसान का भी खतरा रहता है।
इन समस्याओं को लेकर सीटी स्कैन कराने आ रहे मरीज
* तीन दिन से अधिक सिर में दर्द।
* सीने में दर्द, हाथ पैर में सूजन।
* कमर और गर्दन का दर्द।
* सांस लेने के दौरान चुभन होना।
कोट-
सीएचसी में आने वाले मरीज सबसे पहले एक रुपये का पर्चा बनवाएं। चिकित्सक से परामर्श लें, यदि चिकित्सक सीटी स्कैन को जरूरी समझतें हैं तभी कराएं। झोलाछापों के पर्चे पर सीटी स्कैन नहीं कराया जाएगा।--डॉ दिनेश खत्री, सीएचसी अधीक्षक।
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अस्पताल में हंगामें के बाद लगी मरीजों की लाइन- फोटो : HAPUR