जिले के छह सीएचसी में ऑपरेशन बंद, निजी अस्पतालों में सर्जरी करा रहे मरीज
हापुड़। जिले की छह सीएचसी में जनरल सर्जन न होने के कारण ऑपरेशन रोक दिए गए हैं। पत्थरी, हार्निया, बच्चेदानी जैसे ऑपरेशन के लिए मरीजों को तारीखें मिल रही हैं, मजबूरी में मरीज 50 हजार से एक लाख रुपये तक खर्च कर निजी अस्पतालों में ऑपरेशन करा रहे हैं। धौलाना सीएचसी और जिला अस्पताल में एक-एक सर्जन है, जो सप्ताह में सिर्फ तीन दिन ऑपरेशन करते हैं। एक दिन में अधिकतम तीन ही ऑपरेशन किए जाते हैं। सैकड़ों की संख्या में मरीज ऑपरेशन की लाइन में हैं।
हापुड़ को जिला बने 10 साल से ज्यादा बीत गए हैं, चिकित्सा सेवा में काफी विस्तार हुआ है। सात सीएचसी अब तक बनकर तैयार हो गई हैं, इसके अलावा 200 से अधिक उप स्वास्थ्य केंद्र, पीएचसी, अपर पीएचसी बनी हैं। लेकिन सभी अस्पताल चिकित्सकों की कमी से जूझ रहे हैं। विभिन्न बीमारियों से पीड़ित मरीजों को दवा, गोली तो दी जा रही है। लेकिन ऑपरेशन जैसी स्थिति आते ही मरीज का साथ छोड़ दिया जाता है।
लापरवाही का आलम यह है कि हापुड़ के गढ़ रोड सीएचसी में सबसे अधिक मरीजों की ओपीडी है, लेकिन यहां छह महीने से कोई सर्जन ही नहीं है। ऐसे में मरीजों को ऑपरेशन के लिए रेफर कर दिया जाता है। गर्भवती महिलाओं की सर्जरी भी दोपहर तक ही होती है।
जिला अस्पताल में एक सर्जन तैनात हैं, लेकिन उन्हें ऑपरेशन के साथ साथ ओपीडी भी करनी होती है। ऐसे में उक्त सर्जन ने ऑपरेशन के लिए सप्ताह के मंगलवार, बृहस्पतिवार और शनिवार का दिन ही निर्धारित किया है। एक दिन में तीन ऑपरेशन ही किए जाते हैं। जबकि ऑपरेशन की कतार में सैकड़ों मरीज खड़े हैं। धौलाना सीएचसी में भी एक सर्जन तैनात है, वहां मरीजों की भीड़ बाकी सीएचसी के मुकाबले कम ही रहती है। जनवरी से अब तक वहां सिर्फ आठ सिजेरियन सर्जरी ही हो सकी हैं, जबकि लक्ष्य एक महीने में पांच सिजेरियन सर्जरी का है।
ऑपरेशन के निजी अस्पतालों में रेट
पित्त की थैली में पत्थरी 50 हजार से एक लाख
बच्चेदानी निकालना 25 हजार से 50 हजार
गुर्दे की पत्थरी 40 हजार से 80 हजार
हर्निया 30 हजार से 70 हजार
टीबी की गांठ 30 हजार से डेढ़ लाख
सरकारी अस्पतालों में सर्जनों की स्थिति
जिला अस्पताल----01
धौलाना---------01
सपनावत--------00
पिलखुवा--------00
हापुड़----------00
सिखैड़ा--------00
गढ़मुक्तेश्वर-----00
गोहरा---------00
अधिकारियों की अनदेखी से बिगड़ रहीं व्यवस्था
अधिकारियों की अनदेखी से ही स्वास्थ्य व्यवस्थाएं गड़बड़ा रही हैं। गढ़ रोड सीएचसी में सबसे अधिक ओपीडी हैं, फिर भी यहां ईएनटी, हड्डी रोग विशेषज्ञ, सर्जन तक तैनात नहीं हैं। जबकि कम ओपीडी वाले अस्पतालों में इन चिकित्सकों की व्यवस्था करायी गई है।
इन चिकित्सकों की कमी
* ह्दय रोग विशेषज्ञ।
* ईएनटी रोग विशेषज्ञ।
* हड्डी रोग विशेषज्ञ।
* जनरल सर्जन।
* चर्म रोग विशेषज्ञ।
* छाती रोग विशेषज्ञ।
कोट-
सर्जन की कमी को लेकर शासन में पत्राचार किया गया है। जिला अस्पताल और धौलाना सीएचसी में सर्जरी की जा रही हैं। जल्द ही अन्य सीएचसी पर भी ऑपरेशन कराए जाएंगे।--डॉ रेखा शर्मा, सीएमओ।