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दूध में फेट कम, हल्दी और मिर्च में भी मिला रंग

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दूध में फेट कम, हल्दी और मिर्च में भी मिला रंग
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हापुड़। जिले में मिलावट का खेल लोगों को बीमार बना रहा है। पिछले तीन साल के आंकड़ों पर गौर करें तो खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रसाधन विभाग की ओर से 822 नमूने लिए गए। जिनमें से 360 नमूने फेल हो गए। हालांकि विभाग ने मिलावट खोरों पर एक करोड़ से भी ऊपर जुर्माना लगाया गया है। खाद्य पदार्थों जैसे दूध और दही में फैट कम पाया गया। घी में रिफाइंड और शकरगंदी मिली है। इसके अलावा फेल नमूनों में पनीर, दूध, तेल, मिर्च, हल्दी और मिठाईयां शामिल हैं।
वित्तीय वर्ष 2019-20 में खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा जिले भर से 292 नमूने जांच के लिए लैब भेजे। जिनमें 125 फेल गए। जिनमें से 57 अधोमानक पाए गए और 42 असुरक्षित मिले। 26 मामलों में नियमों का उल्लंघन मिला था। विभाग की ओर से 114 वाद एडीएम कोर्ट में दायर किए गए। इनमें से 88 पर फैसला आया। जिस पर कोर्ट ने 42.19 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। इनमें 14 ऐसे वाद जो एसीजीएम कोर्ट में दायर किए गए। जिस पर 38300 रुपये का जुर्माना लगाकर एक-एक दिन की सजा भी सुनाई गई।
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वित्तीय वर्ष 2020-21 में 233 नमूने लिए गए। जिसमें से 119 फेल हुए। इनमें से 59 अधोमानक, 33 असुरक्षित, 23 मिसब्रांड व चार मामलों में नियमों का उल्लंघन पाया गया। 83 वाद एडीएम कोर्ट में दायर किए गए। जिसके सापेक्ष 74 मामलों में फैसला सुनाया गया। जिसमें जुर्माने के तौर पर 31.26 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया। कोरोना के चलते कुछ वादों पर सुनवाई नहीं हो पाई थी।
जबकि वित्तीय वर्ष 2021-22 में 297 नमूने लिए गए थे। जिनमें से 116 फेल हो गए थे। कुल फेल हुए नमूनों में 47 अधोमानक, 35 असुरक्षित, 32 मित्याछाप ब्रांड और मामलों में नियम उल्लंघन पाया गया है। 79 वाद एडीएम कोर्ट में दायर किए गए। इसके सापेक्ष 78 वादों का निस्तारण करते हुए 47.37 लाख का जुर्माना लगाया गया। साथ ही 49 वाद एसीजेएम कोर्ट में दायर किए गए।
मिलावट लोगों को बना सकती है बीमार
पिछले तीन सालों में दूध खोया पनीर, घर, मावे से बनी मिठाईयां सरसों का तेल, रिफाइंड, मसाले, दाल, नमकीन, आदि शामिल हैं। लैब से आई रिपोर्ट चौंकाने वाली हैं। हल्दी में चॉकपाउडर और रंग मिलाया जा रहा है। दालों पर पोलिस की जा रही है। मिठाई और मसालों में भी खतरनाक रंगों का मिश्रण पाया गया है। मिर्च में सूडान डाई नामक रंग का प्रयोग किया जा रहा है। बर्फी में चांदी के वर्क की जगह एल्युमीनियम का वर्क मिला है। हींग में रेजिन गम अरबिक पाया गया। खोये में आलू की मिलावट पाई गई। दूध और दही में फेट कम पाया गया। धनिये में बुरादा पाया गया। मिल्क केक और मिल्क खोया भी अधोमानक निकले। पनीर में मिल्क पाउडर की मिलावट और सरसों के तेल में पॉम आयल की मिलावट पाई गई है।
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कोट-
जिले में खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकी जा सके, इसके लिए टीम लगातार नमूने ले रही है। जुर्माना वसूलने के साथ मामलों में एफआईआर दर्ज कर एसीजेएम कोर्ट में मुकदमा चलाया जा रहा है। लगातार नमूनों की संख्या भी बढ़ाई जा रही है।-सतीश कुमार, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी।
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