मंडी में बने गेहू केंद्र क्रय केंद्र पर गेहू नही आने के कारण किसानो का इंतजार करती महिला कर्मचारी
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केंद्रों पर किसानों का इंतजार, 15 दिन में केवल 146 मीट्रिक टन हुई खरीद
हापुड़। गेहूं खरीद के लिए सरकारी क्रय केंद्र अभी भी किसानों का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि केंद्र खुलने के बाद गेहूं खरीद कुछ बढ़ी है और 15 दिन में कुल 146 मीट्रिक टन खरीद हुई है। इसका कारण यह है कि अधिकतर किसान आढ़तियों के हाथ उपज बेच रहे हैं। जिसकी वजह सरकारी समर्थन मूल्य के सापेक्ष बाजार भाव अधिक है।
रबी विपणन वर्ष 2022-23 में जिले में 36,000 मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य निर्धारित है। खरीद के लिए कुल 29 क्रय केंद्र खोले गए हैं। इनमें खाद्य विभाग के 4, पीसीएफ के 23 और पीसीयू के दो क्रय केंद्र शामिल हैं। सरकारी गेहूं का समर्थन मूल्य प्रति क्विंटल 2015 रुपये निर्धारित है। अब तक जिले में करीब 650 किसानों ने गेहूं बेचने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। किसानों को 72 घंटे के भीतर पीएफएमएस के माध्यम से भुगतान किए जाने के निर्देश हैं। पहली अप्रैल से 15 जून तक गेहूं की खरीद की जाना है। अभी तक केंद्रों पर 146 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो पाई है।
गेहूं खरीद के लिए क्रय केंद्र सक्रिय हैं, लेकिन किसान गेहूं की उपज सरकारी केंद्र पर बेचने से कतरा रहे है। समर्थन मूल्य से अधिक देकर आढ़ती किसानों के घर जाकर गेहूं खरीद रहे हैं। किसान तारा पंडित ने बताया कि सरकारी क्रय केंद्र पर गेहूं बेचने से लेकर भुगतान पाने में भी काफी पापड़ बेलना पड़ता है। सरकारी समर्थन मूल्य भी बाजार भाव से कम है। ऐसे में आढ़ती के हाथ गेहूं बेचना किसान मुनासिब समझ रहे हैं। गेहूं की सरकारी दर बाजार भाव से कम है। आढ़ती 2100 रुपये प्रति क्विंटल देकर किसानों के घर पहुंच कर गेहूं खरीद ले रहे हैं।
कोट-
शुरूआत में गेहूं खरीद की गति कम ही रहती है। अब जैसे जैसे गेहूं की निकासी का कार्य तेजी पकड़ेगा वैसे वैसे गेहूं की खरीद भी तेज हो जाएगी। गेहूं खरीद के लक्ष्य को पूरा कर लिया जाएगा।- सुरेश यादव, जिला विपणन अधिकारी।