गर्मी में जहरीली हुई हापुड़ की हवा, तीन गुना बढ़ा प्रदूषण
हापुड़। बढ़ती गर्मी के साथ हवा की सेहत भी बिगड़नी शुरू हो गई। गेहूं की निकासी के कारण उठने वाली धुंध से लोगों को परेशानी हो रही है। जिसके कारण अचानक हापुड़ का प्रदूषण खराब श्रेणी में पहुंच चुका है। पिछले चार दिनों के अंदर ही जिले के एक्यूआई का स्तर तीन गुना बढ़कर 332 पर पहुंच गया है।
जिले का तापमान 40 डिग्री से ऊपर बना हुआ है। गर्मी से लोग बेहाल हैं और लू के थपेड़े लोगों को बीमार बना रहे हैं। दोपहर के समय सड़कें सूनी हो जाती हैं और रात के समय भी तापमान बढ़ रहा है। कुल मिलाकर फिलहाल गर्मी से राहत मिलती नजर नहीं आ रही है।
वहीं वातावरण में प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। वायु प्रदूषण का स्तर खराब श्रेणी में है। पिछले चार दिनों में क्वालिटी इंडेक्स 115 से बढ़कर 322 पर पहुंच गया है। वायु प्रदूषण का स्तर खराब होने से यहां के आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बुजुर्गों और बच्चों का विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है।
कोट-
इस समय गेहूं की थ्रेसिंग का काम चल रहा है, जिस कारण से प्रदूषित कण हवा में उड़ रहे हैं, लू और गर्मी के मौसम में यह बढ़ जाता है। लोगों को इससे बचने के लिए एहतियात करने होंगे। लोग अपने आसपास के क्षेत्र में पानी का छिड़काव करते रहें। - उत्सव शर्मा, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी।
दिनभर चली गर्म हवा, लोग परेशान
क्षेत्र में गर्मी के तेवर तल्ख होने के साथ-साथ मौसम गर्म बना हुआ है। लगातार गर्मी के चलते हालत में सुधार नहीं है। तापमान पिछले एक सप्ताह से लगातार बढ़ता जा रहा है और इस सीजन में पिछले चार दिन सबसे गर्म रहे हैं। मंगलवार को भी अधिकतम तापमान 41 डिग्री रहा। लू के थपेड़ों के चलते शहरवासियों का घर से निकलना मुश्किल हो रहा है। मौसम वैज्ञानिक डॉ. अशोक सिंह का कहना है कि अधिकतम तापमान सामान्य से सात डिग्री अधिक था, जबकि रात का तापमान सामान्य दर्ज किया गया है। आगामी कुछ दिन तक मौसम ऐसे ही रहेगा।
प्रदूषण बढ़ने का कारण
- गेहूं की थ्रेसिंग शुरू होने से प्रदूषित कण हवा में उड़ रहे हैं
- शहर में जाम लगने के कारण प्रदूषण बढ़ रहा है
- निर्माण कार्य के चलते डस्ट उड़ रही है
- खुले में कूड़ा जलाना
पिछले एक सप्ताह का एक्यूआई --
दिनांक एक्यूआई
7 अप्रैल 142
8 अप्रैल 217
9 अप्रैल 114
10 अप्रैल 205
11 अप्रैल 157
12 अप्रैल 240
13 अप्रैल 322