गर्मी का कहर, पारा 42 डिग्री, अस्पताल में पहुंचे 800 मरीज
हापुड़। भीषण गर्मी में वायरल बुखार और डायरिया ने मरीजों की सेहत को बिगाड़ दिया है। शुक्रवार को दिन में अधिकतम तापमान 42 डिग्री रहा, 800 से अधिक मरीज सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में पहुंचे। इनके बीमार होने का कारण गर्मी बतायी गई। लक्षण होने पर टाइफॉयड की भी जांच हुई, लेकिन बुखार सामान्य ही निकला। नेत्र और चर्म रोगियों की संख्या में डेढ़ गुना इजाफा हुआ है। संचारी रोगों के लिए स्पेशल वार्ड तैयार किए जा रहे हैं।
बीते एक पखवाड़ा से गर्मी अपने तेवर दिखा रही है, अधिकतम तापमान 42 डिग्री तक पहुंच गया है। जबकि रात के समय तापमान में 10-15 डिग्री तक की गिरावट आ जाती है। मौसम का यही बदलाव शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बिगाड़ रहा है।
फिजिशियन डॉ. अशरफ अली ने बताया कि इन दिनों अस्पतालों की ओपीडी में 60 प्रतिशत से अधिक गर्मी के मरीज पहुंच रहे हैं। जिनमें अधिकांश को डायरिया, उल्टी की समस्या है। वायरल बुखार भी तेजी से बढ़ रहा है, इस मौसम में सावधान रहने की खास जरूरत है।
25 मरीजों की हुई टाइफॉयड जांच
गढ़ रोड सीएचसी में शुक्रवार को 25 मरीजों की टाइफॉयड जांच हुई। लेकिन किसी में टाइफॉयड की पुष्टि नहीं हुई, सभी में वायरल बुखार निकला। इसके साथ ही डेंगू की जांच भी जल्द शुरू की जाएंगी।
ओपीडी में पहुंचे मरीजों की स्थिति
डायरिया-------210
वायरल बुखार----55
उल्टी---------130
नेत्र रोगी-------180
हड्डी रोगी-----77
पेट संक्रमण-----85
चर्म रोगी----63
हीट स्ट्रोक का बढ़ा खतरा
फिजिशियन डॉ. हरिओम सिंह ने बताया कि शरीर में पानी की कमी से ही हीट स्ट्रोक होता है। शरीर के तापमान से वातावरण का तापमान अधिक होने पर हीट स्ट्रोक का खतरा रहता है। इसलिए शरीर में पानी की कमी न होने दें।
गर्मी से बचाव के लिए यह करें
* धूप में निकलने से परहेज करें।
* छाता, चश्मा लगाकर ही बाहर निकलें।
* अधिक से अधिक पेय का सेवन करें।
* पसीना सोखने वाले हल्के वस्त्र पहनें।
* दोपहिया वाहन या पैदल चलने समय सिर, चेहरा, हाथ पैरों को गीले कपड़े से ढकें।
यह न करें
* गहरे रंग के भारी व तंग कपड़े न पहनें।
* धूप से आने पर तुरंत पानी न पिएं।
* बच्चों को खड़ी कार में न छोडे़ं।
अस्पतालों में बेहतर व्यवस्था
अस्पतालों में मरीजों के लिए बेहतर सुविधाएं की गई हैं। मरीजों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। पर्याप्त दवाएं भी मौजूद हैं, चिकित्सकों को निर्देशित कर दिया है। - डॉ रेखा शर्मा, सीएमओ।