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670 शिक्षकों की बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी, परिषदीय स्कूलों में ताला लगने की नौबत

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1670 शिक्षकों की बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी, परिषदीय स्कूलों में ताला लगने की नौबत
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हापुड़। यूपी बोर्ड परीक्षा में माध्यमिक और बेसिक शिक्षा विभाग के 1670 शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। इससे परिषदीय स्कूलों के आधा दर्जन से अधिक स्कूलों में ताला लगने की नौबत आ गई है। क्योंकि सॉफ्टवेयर ने जिन स्कूलों के शिक्षकों की ड्यूटी आवंटित की है, इनमें कोई शिक्षक विद्यालय संचालन के लिए नहीं छोड़ा है। ऐसे में परिषदीय स्कूलों की परीक्षाओं पर भी खतरा मंडरा रहा है।
जिले के 44 केंद्रों पर 24 मार्च से यूपी बोर्ड की परीक्षा होनी है। परीक्षा को संपन्न कराने के लिए केंद्र व्यवस्थापकों समेत कुल 1670 शिक्षकों की ड्यूटी लगी है। पहले डीआईओएस कार्यालय से मैनुअल ही ड्यूटी लगती थी, उस दौरान ऐसे शिक्षकों को ड्यूटी नहीं दी जाती थी जो विद्यालय में अकेले हैं या छात्रों की संख्या के अनुरूप कम हैं।
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लेकिन इस बार पारदर्शिता बरतने के लिए सॉफ्टवेयर से ड्यूटी आवंटित की गई हैं। इसमें कई विद्यालय ऐसे हैं जहां से समस्त शिक्षकों को बोर्ड परीक्षा में लगा दिया गया है। शिक्षक नेता अनुज शर्मा ने डीआईओएस कार्यालय जाकर बताया कि फुलडेरा के स्कूल में सिर्फ दो शिक्षक हैं, दोनों की ही ड्यूटी लग गई हैं। इसके अलावा बहादुरगढ़, खड़गपुर, गढ़मुक्तेश्वर नंबर एक में भी यही हालत है।
सॉफ्टवेयर में संशोधन मुश्किल है, ऐसे में अब खंड शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से जिन स्कूलों के सभी शिक्षकों की ड्यूटी लगी है, उनके स्थान पर अन्य शिक्षक की ड्यूटी लगाने का प्रयास कराया जा रहा है।
उधर, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के कार्यकारी जिलाध्यक्ष विजय त्यागी ने बताया कि पूर्व में ही बीएसए को पत्र देकर परिषदीय स्कूलों में परीक्षाओं के चलते बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों की ड्यूटी बोर्ड परीक्षाओं में नहीं लगाने की मांग की थी। लेकिन इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। इस मामले में डीएम से भी शिकायत करेंगे।
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समस्या का कराएंगे समाधान
शिक्षकों की ड्यूटी आवंटित होने के संबंध में शिकायत मिली है। बीएसए के साथ वार्ता कर, इस समस्या का निस्तारण कराया जा रहा है। बोर्ड परीक्षा में 1670 शिक्षकों की आवश्यकता है। जिन्हें ड्यूटी आवंटित कर दी गई है।--निशा अस्थाना, डीआईओएस।
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