सामान्य योजना के नलकूप कनेक्शन बंद, किसानों को झटका
हापुड़। किसानों को सब्सिडी पर मिलने वाली नलकूप बिजली कनेक्शन की योजना बंद हो गई है। योजना के तहत कनेक्शन लेने पर किसानों को 67 हजार रुपये की छूट मिलती थी। योजना के तहत 40 से अधिक किसानों के आवेदन पहले से ही लंबित हैं। वहीं निगम के अधिकारियों ने अब नए आवेदन लेने बंद कर दिए हैं। किसानों को अब लाखों रुपये जमा करने पर ही कनेक्शन मिल पाएगा।
ऊर्जा निगम में किसानों के लिए सामान्य नलकूप योजना चल रही थी। योजना के तहत नलकूप के बिजली कनेक्शन दिए जाते थे। प्रदेश सरकार द्वारा किसान को सब्सिडी मिलती थी। किसानों को कुल एस्टीमेट में 67 हजार रुपये तक की छूट मिल जाती थी। हालांकि आवेदन के समय ही किसान को करीब दस हजार रुपये जमा कराने होते हैं।
योजना के तहत हर साल 50 से अधिक आवेदन मिलते थे, जिसके बाद शासन से स्वीकृति मिलने पर किसानों को कनेक्शन दिया जाता था। अब शासन ने इस योजना पर रोक लगा दी है। 50 आवेदन अभी भी लंबित हैं वहीं नए आवेदन बंद कर दिए हैं। ऐसे में गरीब किसानों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
एक साथ जमा करनी होगी धनराशि
नलकूप कनेक्शन लेने से पहले किसानों को प्रोसेसिंग फीस देनी होगी। इसके बाद निगम की ओर से एस्टीमेट तैयार कराया जाएगा। एस्टीमेट का पूरा पैसा एक ही साथ किसानों को जमा करना होगा। इसके बाद ही कनेक्शन संबंधी सामान वर्कशॉप से मिल सकेगा।
गरीब किसानों की आफत
जिन किसानों के पास जमीन कम है और पानी का साधन भी नहीं है। ऐसे किसानों के लिए नलकूप कनेक्शन लेना मुश्किल हो जाएगा। क्योंकि बोरिंग ही इन दिनों एक लाख से अधिक में हो रहा है, इसके बाद उतना ही पैसा कनेक्शन के लिए चाहिए।
बहाल होनी चाहिए सामान्य योजना
नलकूप कनेक्शन की सामान्य योजना जल्द से जल्द बहाल होनी चाहिए। ताकि किसानों की जेब पर अधिक भार न पड़े, कई दशकों से यह योजना चल रही थी, अचानक इसके बंद होने से किसान परेशान हो रहे हैं। - ज्ञानेश्वर त्यागी, मंडल महासचिव भाकियू।--फोटो संख्या--03
किसानों का शोषण बर्दाश्त नहीं
किसानों को दी जाने वाली छूट को लगातार खत्म किया जा रहा है। सामान्य योजना में ही अधिकांश किसान आवेदन करते थे, क्योंकि सभी के पास पैसों की किल्लत है। किसानों का शोषण नहीं होने दिया जाएगा। - पवन हूण, जिलाध्यक्ष भाकियू भानु।--फोटो संख्या--04
शासन के आदेश पर बंद हुई योजना
शासन के आदेश पर ही योजना बंद की गई है, नए आवेदन नहीं लिए जा रहे हैं। शासन का जैसा आदेश होगा, इसका पालन कराया जाएगा। पूर्व में आवेदन करने वाले किसानों को राहत दिलाने का प्रयास जारी है।--मनोज कुमार, अधिशासी अभियंता।