फ्रेट कॉरिडोर : जून में होगा ट्रायल, दिसंबर तक दौड़ेगी मालगाड़ी
हापुड़। पश्चिम बंगाल से लुधियाना तक बन रहे डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का निर्माण तेज हो गया है। जिले में तेजी से ट्रैक बिछाया का काम 60 फीसदी पूरा हो चुका है। जून माह तक खुर्जा से मुजफ्फरनगर तक ट्रायल शुरू होने की संभावना है और दिसंबर माह में ट्रैक पर डबल डेकर मालगाड़ी दौड़ती नजर आएंगी।
डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के दो भाग हैं। पहला भाग वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर जो कि दादरी से मुंबई के बंदरगाह तक बन रहा है। वहीं दूसरा भाग है ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर जोकि लुधियाना से कोलकाता के डालकुनी तक बन रहा है। कॉरिडोर को तैयार करने के लिए अलग-अलग हिस्सों में कंपनियां कार्य कर रही हैं। खुर्जा से सहारनपुर तक 222 किमी तक का काम एलएंडटी कंपनी के पास है। कंपनी अभी रेलवे लाइन के लिए मिट्टी भराव, ओवरब्रिज, अंडरपास आदि तैयार करने में जुटी है। बुलंदशहर तक ट्रैक बिछाया जा चुका है। अब हापुड़ जिले में कार्य चल रहा है। अप्रैल माह के पहले सप्ताह तक मुजफ्फरनगर तक पटरी बिछाने का कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
जिले में बनेंगे 44 अंडरपास
अधिकारियों के अनुसार दिसंबर तक इस ट्रैक पर मालगाड़ी दौड़ने लगेंगी। हालांकि, दोनों कॉरिडोर के सभी हिस्से दोहरी लाइन के हैं, लेकिन इनमें से खुर्जा से मेरठ होते हुए सहारनपुर तक का हिस्सा एकल पटरी लाइन का है। खुर्जा से सहारनपुर के बीच लोडिंग व अनलोडिंग स्टेशन भी नहीं है। हालांकि खुर्जा और सहारनपुर में लंोडिग व अनलोडिग स्टेशन बनाए जा रहे हैं। जिले में 44 अंडरपास भी बनाए गए हैं। इसके अलावा दो बड़े पुल बन चुके हैं। जिनमें हरसिंहपुर नहर से एनएच 334 और पिलखुवा में निजामपुर के निकट एलिवेटिड रोड पर बनाया गया पुल भी शामिल है।
समय पर काम होगा पूरा
ट्रैक का निर्माण होने पर जून में ट्रायल की संभावना है। इसी लक्ष्य के हिसाब से काम तेजी से किया जा रहा है। समय से निर्माण कार्य को पूरा कर लिया जाएगा। - गुरविंदर सिंह, प्रबंधक, एनएलटी कंपनी