हार के बाद वापस लौटते गढ़ से आप प्रत्याशी डॉ नरेंद्र
- फोटो : HAPUR
भगवा तूफान में धराशायी हुए बसपा और गठबंधन के स्तंभ
हापुड़। जिले की तीनों विधानसभा सीटों पर भाजपा प्रत्याशियों की जीत ने चुनाव पंडितों को भी चौंका दिया है। मतगणना से पहले जिन्हें जीत का दावेदार बताया जा रहा था, उन्हें करारी हार मिली है।
मतदान के बाद हापुड़ विधानसभा सीट पर गठबंधन प्रत्याशी और पांच बार के विधायक रहे गजराज सिंह की स्थिति को प्रबल माना जा रहा था। कयास थे कि 95 प्रतिशत मुस्लिम मतदाताओं का साथ लेकर इस बार जिले में छठी बार विधायक बनेंगे, यहां तक कि सट्टा बाजार भी इन्हीं के पक्ष में था। लेकिन यहां विजयपाल आढ़ती ने दोबारा जीत दर्ज कर साबित कर दिया कि क्षेत्र की जनता का उनसे विश्वास नहीं डिगा है। इसके अलावा धौलाना में भी मुस्लिम समाज की रिकार्ड वोटों को देखते हुए भी भाजपा की जीत मुश्किल बताई जा रही थी। लेकिन भाजपा प्रत्याशी धर्मेश तोमर ने अपनी जीत से सभी के आंकड़े फैल कर दिए। गढ़ विधानसभा सीट को भाजपा के लिए सबसे सुरक्षित सीट माना जा रहा था। लेकिन इस सीट पर गठबंधन प्रत्याशी रविंद्र सिंह ने कड़ी टक्कर दी और कई राउंड में दोनों प्रत्याशियों के बीच अंतर काफी कम रह गया। भाजपा प्रत्याशी हरेंद्र सिंह ने अंतिम समय में बढ़त हासिल कर जीत दर्ज की।
चुनाव में हार के बाद वापस जाते धौलाना से गठबंधन प्रत्याशी हाजी असलम चौधरी- फोटो : HAPUR
चुनाव में हार के बाद मतगणना स्थल से वापस जाते गढ़ से बसपा प्रत्याशी मदन चौहान- फोटो : HAPUR
चुनाव में हार के बाद वापस जाते गढ़ से गठबंधन प्रत्याशी रविंद्र- फोटो : HAPUR