सिंभावली मिल ने दिए 10 करोड़, नए सत्र का 331 करोड़ बकाया
हापुड़। सिंभावली चीनी मिल ने किसानों के गन्ना भुगतान के लिए विभाग को 10 करोड़ रुपये का चेक सौंप दिया है, 15 मार्च तक मिल को 30 करोड़ रुपये का भुगतान और करना है। गन्ना विभाग ने इस संबंध में मिल प्रबंधन को नोटिस जारी किया है। हालांकि अभी भी जिले की दोनों चीनी मिलों पर किसानों का करीब 471 करोड़ रुपये बकाया है।
जिले में बड़े पैमाने पर गन्ने की खेती की जाती है। अधिकांश गन्ने की सप्लाई सिंभावली और ब्रजनाथपुर चीनी मिल पर ही होती है। लेकिन दोनों ही मिलों की भुगतान प्रणाली बेहद खराब है, आलम यह है कि सत्र 2020-21 का भुगतान मिलों ने अब किया है, जबकि इस सत्र में भी करीब 486 करोड़ का गन्ना मिलों पर पहुंच चुका है।
बीते दिनों भाकियू के आह्वान पर किसानों ने चीनी मिल पर कई दिन तक धरना और तालाबंदी की थी। इस पर डीएम ने किसानों और चीनी मिलों के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में सिंभावली मिल ने 15 मार्च तक 30 करोड़ रुपये भुगतान करने, इसके बाद हर महीने 50 करोड़ रुपये भुगतान करने का लिखित में आश्वासन दिया था।
जिला प्रशासन और गन्ना विभाग की सख्ती के बाद चीनी मिलों ने पुराने सत्र का पूरा भुगतान कर दिया है। साथ ही इस महीने भी भुगतान के लिए चीनी मिल ने गन्ना विभाग को 10 करोड़ रुपये का चेक सौंपा है, इससे पहले 6.98 करोड़ रुपये का भुगतान भी किया जा चुका है। किसानों से किए वादे को पूरा कराने के लिए गन्ना विभाग द्वारा मिलों को रिमाइंडर जारी किया गया है।
चीनी मिलों पर बकायेदारी की स्थिति
चीनी मिल बकायेदारी
सिंभावली मिल 331 करोड़
बृजनाथपुर मिल 140 करोड़
(नोट: सत्र 2020-21 का दोनों ही मिल पूरा भुगतान कर चुकी हैं, यह वर्तमान सत्र की बकायेदारी है।)
भुगतान नहीं किया तो करेंगे आंदोलन
चीनी मिलों ने डीएम की अध्यक्षता में हुई बैठक में जो वादा किया है, उसे हर हाल में पूरा करना होगा। ऐसा न होने पर आंदोलन फिर से होगा। किसानों का शोषण बर्दाश्त नहीं होगा। - दिनेश खेड़ा, भाकियू जिलाध्यक्ष।--फोटो संख्या-04
14 दिन में मिल करें भुगतान
सरकार की नीति के तहत मिलों को गन्ना सप्लाई के 14 दिन के अंदर भुगतान करना चाहिए। लेकिन जिले में मिल एक-एक साल तक भुगतान नहीं कर रही हैं। गन्ना विभाग को सख्ती करनी चाहिए। - पवन हूण, जिलाध्यक्ष भाकियू भानु।--फोटो संख्या--05
जल्द होगा पूरा भुगतान
सिंभावली चीनी मिल ने भुगतान के लिए 10 करोड़ रुपये का चेक दिया है। 6.98 करोड़ रुपये इस सत्र में पहले ही भुगतान करा दिया गया है, बीते सत्र का शत प्रतिशत भुगतान हो गया है। इस सत्र का भुगतान भी जल्द होगा - निधि गुप्ता, जिला गन्ना अधिकारी।