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प्याज भंडारण के बनेंगे 90 केंद्र,दूसरे राज्यों में होगा निर्यात

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प्याज भंडारण के बनेंगे 90 केंद्र, दूसरे राज्यों में होगा निर्यात
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हापुड़। जिले में प्याज उत्पादन के अलावा अब भंडारण का हब बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। प्याज भंडारण के लिए चारों ब्लॉक में 90 बड़े केंद्र बनाए जाने हैं। केंद्र स्थापना पर आने वाले खर्च का आधा पैसा सरकार वहन करेगी। अच्छे दाम मिलने पर किसान प्याज दूसरे प्रदेशों में भी निर्यात कर सकेंगे। फसल का रकबा दस गुना तक बढ़ाया जाएगा, इसके लिए कृषि वैज्ञानिक किसानों को प्रशिक्षित भी करेंगे।
प्याज की खपत लगातार बढ़ रही है, जबकि जिले में इसका उत्पादन बेहद कम है। सीजन में भले ही आसानी से कम दाम पर प्याज मिल जाए, लेकिन बाद में सौ रुपये किलो तक भी बाजार में प्याज बिकता है। क्योंकि जिले के अंदर कोई भंडारण गृह नहीं है, दूसरे प्रदेशों से ही यहां की मंडियों में प्याज पहुंचता है।
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शासन ने सर्दियों में प्याज उत्पादन के लिए हापुड़ का चयन किया था। लेकिन उस दौरान बरसात हो जाने के कारण यह योजना परवान नहीं चढ़ सकी। अब फिर से उद्यान विभाग ने इस दिशा में कदम बढ़ाए हैं। किसानों से संपर्क कर, प्याज को बढ़ावा देने की कवायद शुरू की गई है।
इस तरह बनेंगे भंडारण केंद्र
प्याज भंडारण केंद्र के लिए 100 वर्ग मीटर जगह की आवश्यकता होगी। इस जगह में केंद्र बनाया जाएगा, जिस पर आने वाले खर्च का 50 प्रतिशत या अधिकतम 87500 रुपये अनुदान की व्यवस्था रहेगी।
10 गुना रकबा बढ़ाने की तैयारी
पुराने ढर्रे पर खेतीबाड़ी करते आ रहे किसानों को आधुनिक खेती की परिभाषा सिखाने के लिए कृषि विशेषज्ञ किसानों के बीच पहुंचेंगे। जिले में प्याज का रकबा 400 हेक्टेयर से बढ़ाकर चार हजार हेक्टेयर तक करने की तैयारी है।
प्याज की प्रजातियों का अध्ययन कराएंगे नासिक के वैज्ञानिक
नासिक में बड़े पैमाने पर प्याज की खेती होती है, वहां के वैज्ञानिक हापुड़ के किसानों को प्याज की उन्नत नस्ल के बारे में बताएंगे, जो कम समय और लागत में ही तैयार होकर किसानों को मुनासिब दाम दिलाएगी।
सहफसली खेती करेगी मालामाल
कृषि वैज्ञानिक डॉ अशोक के अनुसार इन दिनों प्याज की बुवाई का उपयुक्त समय चल रहा है। किसानों के पास यदि खाली खेत नहीं है तो गन्ने के साथ भी प्याज की आसानी से बुवाई की जा सकता है। करीब चार महीने बाद प्याज तैयार होगी, तो उसकी खोदाई कर फसल बिक्री से लाभ कमाया जा सकेगा, उस समय तक गन्ने का पौधा भी काफी बढ़ जाएगा। जिसका किसानों को लाभ मिलेगा।
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जिले में प्याज की खेती की स्थिति
प्याज की खेती---400 हेक्टेयर
उत्पादन-------एक लाख क्विंटल
खपत------10 लाख क्विंटल
उद्यान विभाग की ये भी हैं योजनाएं
* पेठा प्रसंस्करण इकाई पर 10 लाख रुपये तक का अनुदान।
* गंगा किनारे के गांवों में बागवानी बुवाई पर हर महीने तीन हजार रुपये/हेक्टेयर का अनुदान।
* मधुमक्खी पालन के लिए प्रशिक्षण की व्यवस्था, बॉक्स पर 50 प्रतिशत अनुदान।
* मसालों की खेती पर अनुदान की व्यवस्था।
किसान करें आवेदन, मिलेगा अनुदान
प्याज भंडारण केंद्र के लिए किसान आवेदन कर सकते हैं। जितने भी आवेदन मिलेंगे, उनके प्रस्ताव शासन में भेजे जाएंगे। हापुड़ में बड़े पैमाने पर प्याज भंडारण केंद्र और फसल उत्पादन को बढ़ावा देने की योजना है।--एसके शर्मा, जिला उद्यान निरीक्षक।
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