थकान मिटाने के लिए कराई चंपी तो किसी ने दिया परिवार को समय
हापुड़। पिछले करीब एक डेढ़ माह की भागदौड़ के बाद प्रत्याशियों ने मतदान होने के बाद शुक्रवार को अपनी थकान मिटाई। अधिकतर प्रत्याशियों ने घर पर परिवार के साथ रहकर समय बिताया, परिवार के साथ नाश्ता किया। विजयपाल आढ़ती ने चंपी कराई, तो गजराज सिंह ने पौतों के साथ समय बिताया। बसपा प्रत्याशी ने दोस्तों के साथ समय बिताने के साथ चुनाव खर्च का आंकलन लगाया। वहीं दोपहर बाद समर्थकों के साथ मंत्रणा कर वोटों की गुणा-भाग के साथ मंत्रणा कर मतदान का रुझान जानने का प्रयास किया।
परिवार को दिया समय
हापुड़ सदर सीट से भाजपा के प्रत्याशी व विधायक विजयपाल आढ़ती ने शुक्रवार को पूरा दिन घर पर रहकर ही गुजारा। सुबह के समय समर्थकों के साथ चुनाव के बाद के माहौल पर चर्चा की गई। इसके बाद उन्होंने दोपहर के समय सिर की चंपी कराई। उन्होंने बताया कि पिछले डेढ़ महीने की भागदौड़ के बाद एक दो-दिन आराम करेंगे। हालांकि दोपहर बाद समर्थकों के साथ वोटों पर चर्चा भी की।
दिनभर उतारी थकान
सदर सीट से रालोद सपा गठबंधन के प्रत्याशी व पूर्व विधायक गजराज सिंह ने भी पूरा दिन घर पर रहकर ही गुजारा। गजराज सिंह ने अपने पोत्र के साथ खेले । बच्चों ने भी बाबा की थकान को देखते हुए उनके पैर दबाए। चुनावी मैदान में सबसे अधिक उम्र के प्रत्याशी गजराज सिंह ने बताया कि एक महीने से सोने का भी समय नहीं मिल रहा था। चुनावी भागदौड़ का बाद आज आराम मिला है।
दोस्तों के साथ किया गपशप, लगाया हिसाब -
बसपा के प्रत्याशी मनीष सिंह उर्फ मोनू ने इस चुनाव में सबसे लंबा प्रचार किया। सबसे पहले उन्हें जिले में बसपा का प्रत्याशी घोषित किया गया था और वे तभी से प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से चुनाव प्रचार में थे। ऐसे में लंबी थकान के बाद शुक्रवार को मनीष सिंह ने परिवार और दोस्तों के साथ समय गुजारा। घर पर बैठकर चुनाव में हुए खर्च का मोटा मोटा आंकलन भी किया
परिवार के संग खेला शतरंज -
कांग्रेस की प्रत्याशी भावना बाल्मीकि भी पूरी मुस्तैदी के साथ चुनाव मैदान में डटी रहीं। इस दौरान उन्होंने अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचकर जनसंपर्क करने का प्रयास किया। परिवार के कार्यों और दूसरे दायित्वों को छोड़कर उन्होंने जनसंपर्क में अधिकतर समय गुजारा। चुनाव संपन्न होने के बाद शुक्रवार को उन्होंने परिवार के साथ शतरंज की बाजियां खेली। उन्होंने कहा कि काफी दिन बाद परिवार के साथ समय बिताना अच्छा लगा।
नेताजी की पतलून हुई ढीली, बैठ गया गला
सत्तापक्ष के प्रत्याशियों के विकास के दावे और टूटी सड़कें, पानी, बिजली, सीवर की समस्याओं के लिए विपक्षियों द्वारा चुनाव के दौरान खूब शोर मचा। पिछले कई दिनों से वादों और समस्याओं को चीख-चीखकर बताने में नेताओं की सूरत ही बदल गई। लग्जरी गाड़ियों में घूमने वाले नेताजी पैदल चले, तो पतलून ढीली हो गई। चुनावी वायदों को मतदाताओं के कानों तक पहुंचाने के लिए गले को फाड़ा, तो गला ही बैठ गया। अधिकतर प्रत्याशियों का वजन तक कम हो गया है। कई प्रत्याशियों के वजन भी कम हो गए हैं। भागदौड़ में सभी प्रत्याशियों का वजन पांच किलो तक कम हो गया है।
चुनाव होने के बाद अपने घर पर परिवार के साथ गोद में बच्चे को खिलाते रालोद प्रत्याशी गजराज सिंह --शोभ- फोटो : HAPUR
कसमपुरा स्थित अपने घर पर परिजनों के साथ मतो का गणित लगाते बसपा प्रत्याशी मनीष कुमार संवाद- फोटो : HAPUR
चुनाव होने के बाद अपने घर पर बेटी से सिर में मालिश कराते भाजपा प्रत्याशी विधायक विजयपाल आढ़ती सं?- फोटो : HAPUR