1993 के चुनाव में हापुड़ से 17 और गढ़ सीट से उतरे थे 30 उम्मीदवार
हापुड़। राममंदिर आंदोलन के बाद राजनीति में हिस्सेदारी के लिए लोगों का रुझान बढ़ गया था। ऐसे में विधायक बनने के लिए दावेदारों की संख्या भी बढ़ गई थी। वर्ष 1993 के विधानसभा चुनाव में हापुड़ और गढ़ सीट से सबसे अधिक 47 उम्मीदवार उतरे थे। बैलट पेपर से मतदान की व्यवस्था में हापुड़ सीट से 17 और गढ़ सीट से 30 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा था। इनमें से चार लोग ही अपनी जमानत जब्त होने से बचा पाए थे। वहीं, आजादी के बाद दूसरे चुनाव में केवल हापुड़ सीट ही थी इस सीट पर सबसे कम केवल पांच प्रत्याशियों ने ही नामांकन किया था।
हापुड़ को वर्ष 2011 के सितंबर माह में जिला बनाया गया था। आजादी के बाद हापुड़ जनपद मेरठ का हिस्सा हुआ करता था। उस समय हापुड़ में दो विधानसभा सीट नॉर्थ और साउथ हुआ करती थीं। मेरठ के बाद हापुड़ को जनपद गाजियाबाद में शामिल कर दिया गया था। हालांकि, तीन जिलों में रहने के बाद भी हापुड़ को मुख्य सीट के नाम से जाना जाता रहा है। जबकि वर्ष 1962 में हुए परिसमीन में गढ़मुक्तेश्वर दूसरी सीट के रुप में आरक्षित हुई।
आजादी के बाद वर्ष 1951 में पहली बार हुए विधानसभा चुनाव में कुल 26 उम्मीदवार मैदान में उतरे थे। इनमें से 14 उम्मीदवार हापुड़ नॉर्थ और 12 उम्मीदवार साउथ सीट पर थे। जबकि वर्ष 1962 में दूसरी सीट गढ़मुक्तेश्वर का परिसीमन होने के बाद कुल 11 उम्मीदवार मैदान में उतरे थे। इनमें से पांच हापुड़ और छह उम्मीदवार गढ़ सीट से चुनाव लड़े थे। इसके बाद प्रत्येक चुनाव में उम्मीदवारों की संख्या में इजाफा होता चला गया।
1991 के बाद बढ़ते गए उम्मीदवार
वर्ष 1991 के बाद से विधानसभा चुनाव में उम्मीदवारों की संख्या बढ़ती चली गई। 1991 में दोनों विधानसभा सीटों से कुल 37 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा। इनमें से 15 उम्मीदवार हापुड़ और 22 उम्मीदवार गढ़ सीट से मैदान में उतरे थे। इसके बाद 1993 में 47 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा था।
जिला बनने के बाद हो गई थीं तीन विधानसभा सीट
वर्ष 2011 में हापुड़ के जिला बनने के बाद धौलाना भी विधानसभा सीट हो गई थी। जिला बनने के बाद जब 2012 में चुनाव हुआ तो हापुड़ सीट से 13, धौलाना सीट से 16 और गढ़मुक्तेश्वर सीट से 15 उम्मीदवारों ने हाथ आजमाया था। वहीं, वर्ष 2017 में हुए चुनाव में हापुड़ सीट पर 10, धौलाना सीट पर 12 और गढ़मुक्तेश्वर सीट से 16 उम्मीदवार खड़े हुए थे।
सबसे कम उम्मीदवार
वर्ष उम्मीदवारों की संख्या
1957 05
1962 11
1967 17
1969 13
1974 19
1977 14
1996 18
2007 19
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सबसे अधिक उम्मीदवार
वर्ष उम्मीदवारों की संख्या
1951 26
1980 22
1985 23
1989 26
1991 37
1993 47
2002 25
2012 44
2017 38