राकेश टिकैत के साथ 15 तक गाजीपुर बॉर्डर पर डटे रहेंगे किसान
हापुड़। कृषि कानूनों के वापस लिए जाने के बाद अब बॉर्डर खाली होने शुरू हो गए हैं। लेकिन हापुड़ के किसान अब 15 दिसंबर को राकेश टिकैत के साथ वापसी करेंगे। जिलाध्यक्ष, मंडल महासचिव समेत 50 से अधिक कार्यकर्ता बॉर्डर पर डटे हैं।
कृषि कानूनों के विरोध में 27 नवंबर 2020 से किसानों ने आंदोलन शुरू किया था। अब केंद्र सरकार ने तीनों कानूनों को वापस ले लिया है। जिसके बाद किसानों ने घर लौटने का एलान भी कर दिया है। बॉर्डर से किसान धीरे धीरे वापसी कर रहे हैं, लेकिन पूरी तरह वापसी में अभी 15 दिसंबर तक का समय लग जाएगा।
भाकियू का राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने हापुड़ के जिलाध्यक्ष दिनेश खेड़ा से अपने साथियों समेत 15 तक रुकने की अपील की। जिस पर हापुड़ के कार्यकर्ताओं ने घर वापसी का समय बदल दिया है। दिनेश खेड़ा ने कहा कि 15 दिसंबर को सभी कार्यकर्ता हापुड़ लौटेंगे। इसके बाद स्थानीय मुद्दों को हल कराया जाएगा। इस आंदोलन में भी सबसे पहले हापुड़ के ही कैंप लगे थे और सबसे बाद में भी यहीं के किसान घर जाएंगे। मंडल महासचिव ज्ञानेश्वर त्यागी ने कहा कि तीनों कृषि कानूनों की वापसी किसानों की बड़ी जीत है।
इस मौके पर जयवीर सिंह चौधरी, महीपाल चौहान, बुद्धप्रकाश शर्मा, दिनेश त्यागी, अमरेंद्र सिद्धू, संदीप चौधरी, ताज खां, इकराम खां, इंसाफ अली, इस्तेकार खां, धनवीर शास्त्री, रविंद्र सिंह गढ़ी, श्याम सिंह, सुरेंद्र सिंह बाना, हरेंद्र सिंह उबारपुर, मुबारक खां, जित्ते चौहान, बबली, नीलम त्यागी, ज्योति शर्मा, मनी आदि मौजूद रहेे।
एक्लव्य सिंह सहारा को सम्मानित किया --
संयुक्त किसान मोर्चा एवं भारतीय किसान यूनियन की ओर से जिला हापुड़ के एकलव्य सिंह सहारा को पहले दिन से आंदोलन को मजबूती देने में किसान क्रांति गेट गाजीपुर बॉर्डर के मंच से सम्मानित किया गया। एकलव्य सिंह ने कहा कि आंदोलन से एक बड़ी जीत प्राप्त हुई है।